Edited By Desh Raj, Updated: 03 Jul, 2026 03:21 PM

छत्तीसगढ़ में बड़ा प्रशासनिक फेरबदल हुआ है। 17 जजों को नई जिम्मेदारी दी गई है। छत्तीसगढ़ हाईकोर्ट ने उच्च न्यायिक सेवा संवर्ग में बड़ा प्रशासनिक फेरबदल करते हुए 17 न्यायिक अधिकारियों के तबादले और नई पदस्थापनाओं के आदेश जारी कर दिए हैं।
(बिलासपुर): छत्तीसगढ़ में बड़ा प्रशासनिक फेरबदल हुआ है। 17 जजों को नई जिम्मेदारी दी गई है। छत्तीसगढ़ हाईकोर्ट ने उच्च न्यायिक सेवा संवर्ग में बड़ा प्रशासनिक फेरबदल करते हुए 17 न्यायिक अधिकारियों के तबादले और नई पदस्थापनाओं के आदेश जारी कर दिए हैं। यह एक बडा फेरबदल माना जा रहा है। रजिस्ट्रार जनरल की ओर से जारी आदेश के तहत जिला एवं सत्र न्यायाधीश, अतिरिक्त जिला एवं सत्र न्यायाधीश और हाईकोर्ट में पदस्थ कई अधिकारियों को नई जिम्मेदारियां सौंपी गई हैं।
बिलासपुर, रायपुर, जगदलपुर, बलौदाबाजार, बलरामपुर, सूरजपुर और सारंगढ़ समेत कई जिलों के न्यायिक अधिकारियों को जिम्मेदारी सौंपी गई है। आदेश के अनुसार, जगदलपुर के प्रथम जिला एवं सत्र न्यायाधीश अजय सिंह राजपूत को स्पेशल जज (NIA कोर्ट), जगदलपुर नियुक्त किया गया है। हाईकोर्ट लीगल सर्विस कमेटी के सचिव ओमप्रकाश जायसवाल को हाईकोर्ट में रजिस्ट्रार (ज्यूडिशियल) का जिम्मा सौंपा गया है।
वहीं बलौदाबाजार के प्रधान जिला एवं सत्र न्यायाधीश अब्दुल जाहिद कुरैशी को हाईकोर्ट का रजिस्ट्रार (विजिलेंस) नियुक्त किया गया है। इसी तरह बलौदाबाजार के प्रथम जिला एवं सत्र न्यायाधीश राकेश कुमार वर्मा को छत्तीसगढ़ न्यायिक अकादमी, बिलासपुर में एडिशनल डायरेक्टर की जिम्मेदारी सौंपी गई है। इसके साथ ही बिलासपुर, रायपुर, सारंगढ़ और बलरामपुर में बदलाव के तहत बिलासपुर के द्वितीय जिला एवं सत्र न्यायाधीश रूपनारायण पात्रे को हाईकोर्ट लीगल सर्विस कमेटी का सचिव नियुक्त किया है। सिद्धार्थ अग्रवाल को प्रथम अतिरिक्त जिला एवं सत्र न्यायाधीश, जगदलपुर और किरण कुमार जांगड़े को प्रथम अतिरिक्त जिला एवं सत्र न्यायाधीश, बलरामपुर-रामानुजगंज नियुक्त किया गया है।
वहीं विनिता वारनेर को प्रधान जिला एवं सत्र न्यायाधीश, सूरजपुर से बलौदाबाजार भेजा गया है। थामस एक्का को प्रधान न्यायाधीश, परिवार न्यायालय सूरजपुर से प्रधान जिला एवं सत्र न्यायाधीश, सूरजपुर बनाया गया है जबकि संगीता नवीन तिवारी को स्पेशल जज (NIA), जगदलपुर से प्रथम जिला एवं सत्र न्यायाधीश, बलौदाबाजार नियुक्त किया गया है। लिहाजा हाईकोर्ट ने आदेश आधिकारिक वेबसाइट पर अपलोड कर दिया है। प्रशासनिक दृष्टि से ये एक बड़ा फेरबदल माना जा रहा है।