Edited By Himansh sharma, Updated: 01 Jul, 2026 02:14 PM

छत्तीसगढ़ सरकार ने प्रशासनिक व्यवस्था को और अधिक प्रभावी बनाने की दिशा में बड़ा कदम उठाते हुए आदिम जाति एवं अनुसूचित जनजाति विकास विभाग के अंतर्गत व्यापक स्तर पर अधिकारियों के तबादले किए हैं।
रायपुर। छत्तीसगढ़ सरकार ने प्रशासनिक व्यवस्था को और अधिक प्रभावी बनाने की दिशा में बड़ा कदम उठाते हुए आदिम जाति एवं अनुसूचित जनजाति विकास विभाग के अंतर्गत व्यापक स्तर पर अधिकारियों के तबादले किए हैं। विभाग द्वारा जारी आदेश के अनुसार जनपद पंचायतों के मुख्य कार्यपालन अधिकारियों (CEO), प्रभारी CEO, सहायक आयुक्तों, क्षेत्र संयोजकों सहित कुल 33 अधिकारियों को नई जिम्मेदारियां सौंपी गई हैं। यह आदेश तत्काल प्रभाव से लागू कर दिया गया है।
विभाग ने सभी स्थानांतरित अधिकारियों को निर्देश दिए हैं कि वे अधिकतम 15 दिनों के भीतर अपने नए पदस्थापना स्थल पर कार्यभार ग्रहण करें और इसकी सूचना विभाग को उपलब्ध कराएं। सरकार का मानना है कि इस प्रशासनिक बदलाव से विभागीय कार्यों में गति आएगी और योजनाओं के क्रियान्वयन में बेहतर समन्वय स्थापित होगा।
इस तबादला सूची में प्रदेश के कई अहम जिलों को शामिल किया गया है। गरियाबंद, बस्तर, नारायणपुर, सरगुजा, सूरजपुर, कोरबा, जशपुर, कांकेर, बीजापुर, सुकमा, दंतेवाड़ा, धमतरी, गौरेला-पेंड्रा-मरवाही और बलरामपुर समेत अनेक जनपद पंचायतों में नए अधिकारियों की नियुक्ति की गई है। लंबे समय बाद एक साथ इतने बड़े स्तर पर हुए फेरबदल को प्रशासनिक दृष्टि से महत्वपूर्ण माना जा रहा है।

प्रमुख तबादलों की बात करें तो गरियाबंद जनपद पंचायत के मुख्य कार्यपालन अधिकारी अमजद जाफरी को आदिम जाति एवं अनुसूचित जनजाति विकास आयुक्त कार्यालय, नया रायपुर में पदस्थ किया गया है। वहीं, जगदलपुर के CEO अमित भाटिया को नारायणपुर जिले के ओरछा जनपद पंचायत का नया मुख्य कार्यपालन अधिकारी बनाया गया है। रामानुजनगर के प्रभारी CEO संजय कुमार राय को कोरबा जनपद पंचायत की जिम्मेदारी सौंपी गई है।

इसके अलावा कुनकुरी, बीजापुर, कोंटा, मैनपुर, बस्तर, दंतेवाड़ा और नारायणपुर सहित कई जनपद पंचायतों में भी नए CEO एवं प्रभारी CEO की नियुक्तियां की गई हैं। विभाग का कहना है कि यह फेरबदल प्रशासनिक कार्यों में पारदर्शिता, जवाबदेही और योजनाओं के बेहतर क्रियान्वयन को ध्यान में रखकर किया गया है। सरकार के इस फैसले के बाद संबंधित जिलों में नई प्रशासनिक टीम जल्द ही जिम्मेदारी संभालेगी, जिससे विकास कार्यों और विभागीय योजनाओं के संचालन में नई गति आने की उम्मीद जताई जा रही है।