Edited By Himansh sharma, Updated: 10 May, 2026 01:56 PM

छत्तीसगढ़ की राजनीति में भारतीय जनता पार्टी ने अब 2028 विधानसभा चुनावों की दिशा में अपनी रणनीतिक चालें तेज कर दी हैं।
रायपुर: छत्तीसगढ़ की राजनीति में भारतीय जनता पार्टी ने अब 2028 विधानसभा चुनावों की दिशा में अपनी रणनीतिक चालें तेज कर दी हैं। सत्ता में वापसी के बाद संगठन को और धार देने की तैयारी के बीच भाजपा 12 और 13 मई को प्रदेश स्तर की अहम बैठक करने जा रही है। इस बैठक में प्रदेश पदाधिकारी, कोर ग्रुप और कार्यसमिति के सदस्य शामिल होंगे, जहां आगामी राजनीतिक परिस्थितियों, संगठनात्मक विस्तार और चुनावी रणनीति पर गंभीर मंथन होगा।
प्रदेश भाजपा महासचिव नवीन मार्कंडेय के अनुसार, पार्टी अब केवल सरकार चलाने तक सीमित नहीं रहना चाहती, बल्कि बूथ स्तर तक संगठन को और मजबूत बनाकर मिशन 2028 की नींव मजबूत करने में जुटी है। बैठक के दौरान कई महत्वपूर्ण राजनीतिक प्रस्ताव पेश किए जाएंगे। इनमें कांग्रेस और विपक्षी दलों पर जनता को भ्रमित करने का आरोप लगाते हुए एक निंदा प्रस्ताव भी शामिल रहेगा। भाजपा का मानना है कि विपक्ष लगातार भ्रामक मुद्दों के जरिए राजनीतिक माहौल प्रभावित करने की कोशिश कर रहा है, जिसका जवाब संगठनात्मक मजबूती और जनसंपर्क के जरिए दिया जाएगा।
बैठक में आगामी महीनों के लिए पार्टी के बड़े अभियानों और कार्यक्रमों की रूपरेखा भी तय की जाएगी। भाजपा संगठन की प्राथमिकता अब केवल चुनावी तैयारी नहीं, बल्कि कार्यकर्ताओं को प्रशिक्षित और सक्रिय बनाना भी है। इसी कड़ी में संभागीय और जिला स्तरीय प्रशिक्षण शिविरों की समीक्षा की जाएगी, ताकि कार्यकर्ताओं को जमीनी मुद्दों और संगठन की विचारधारा से और मजबूती से जोड़ा जा सके।
राजनीतिक जानकारों की मानें तो यह बैठक केवल औपचारिक संगठनात्मक आयोजन नहीं, बल्कि आने वाले वर्षों की चुनावी दिशा तय करने वाला मंच साबित हो सकती है। भाजपा अब छत्तीसगढ़ में अपनी राजनीतिक पकड़ को और मजबूत करने के साथ-साथ विपक्ष को वैचारिक और संगठनात्मक स्तर पर घेरने की रणनीति पर काम कर रही है। पार्टी का स्पष्ट संकेत है कि मिशन 2028 की शुरुआत अब पूरी गंभीरता और आक्रामक राजनीतिक तैयारी के साथ हो चुकी है।