Edited By Himansh sharma, Updated: 30 Oct, 2026 07:07 PM

मध्यप्रदेश में राज्यसभा की रिक्त सीट पर भाजपा की ओर से केंद्रीय मंत्री हरदीप सिंह पुरी को उम्मीदवार बनाए जाने के बाद सियासी घमासान तेज हो गया है।
भोपाल। मध्यप्रदेश में राज्यसभा की रिक्त सीट पर भाजपा की ओर से केंद्रीय मंत्री हरदीप सिंह पुरी को उम्मीदवार बनाए जाने के बाद सियासी घमासान तेज हो गया है। कांग्रेस ने इस फैसले के खिलाफ मोर्चा खोलते हुए भाजपा की रणनीति पर सवाल खड़े किए हैं। प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष जीतू पटवारी ने राज्यसभा की खाली हुई सीट को दलित प्रतिनिधित्व से जोड़ते हुए पूछा कि आखिर ऐसी कौन सी मजबूरी थी, जिसके चलते एक दलित सांसद को अपनी सदस्यता से इस्तीफा देना पड़ा?
शुक्रवार को आयोजित प्रेस कॉन्फ्रेंस में जीतू पटवारी ने भाजपा पर निशाना साधते हुए कहा कि हरदीप पुरी की उम्मीदवारी का कांग्रेस विरोध करेगी। पटवारी के मुताबिक, कांग्रेस के कार्यकर्ता सभी ब्लॉक स्तर पर एकत्रित होकर भाजपा के इस फैसले के खिलाफ प्रदर्शन करेंगे।
मुरुगन के इस्तीफे से खाली हुई राज्यसभा सीट
दरअसल, मध्यप्रदेश के कोटे से राज्यसभा पहुंचे केंद्रीय मंत्री एल. मुरुगन के इस्तीफे के बाद प्रदेश में एक सीट रिक्त हुई है। उनके त्यागपत्र के बाद भाजपा ने इस सीट के लिए केंद्रीय मंत्री हरदीप सिंह पुरी के नाम पर मुहर लगाई है। पार्टी के इस निर्णय के बाद से ही प्रदेश की राजनीति में बयानबाजी तेज हो गई है।
कांग्रेस का आरोप है कि भाजपा को यह स्पष्ट करना चाहिए कि राज्यसभा की सदस्यता छोड़ने की नौबत क्यों आई और इसके पीछे क्या राजनीतिक परिस्थितियां रहीं। जीतू पटवारी ने इसी सवाल को अपने विरोध का प्रमुख आधार बनाया है।
नामांकन में शामिल होंगे भाजपा के दिग्गज नेता
उधर, भाजपा ने हरदीप सिंह पुरी के नामांकन को लेकर तैयारियां तेज कर दी हैं। शुक्रवार को उनके भोपाल पहुंचने का कार्यक्रम है, जबकि शनिवार को वे राज्यसभा चुनाव के लिए अपना नामांकन दाखिल करेंगे।
नामांकन के दौरान मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव, भाजपा प्रदेश अध्यक्ष हेमंत खंडेलवाल, प्रदेश प्रभारी बिप्लब कुमार देब सहित पार्टी के कई वरिष्ठ नेताओं के मौजूद रहने की संभावना है। चुनावी प्रक्रिया को देखते हुए भाजपा ने अपने विधायकों को भी भोपाल में उपलब्ध रहने के निर्देश दिए हैं।
राज्यसभा सीट को लेकर बढ़ेगी सियासी टक्कर
एक ओर भाजपा अपने उम्मीदवार के नामांकन की तैयारियों में जुटी है, वहीं कांग्रेस ने इस मुद्दे को सामाजिक प्रतिनिधित्व और राजनीतिक जवाबदेही से जोड़कर सरकार को घेरने की रणनीति बनाई है। ऐसे में हरदीप पुरी की उम्मीदवारी अब केवल राज्यसभा चुनाव तक सीमित नहीं रह गई है, बल्कि मध्यप्रदेश में भाजपा और कांग्रेस के बीच नए राजनीतिक विवाद का विषय बन गई है।