Edited By Desh Raj, Updated: 19 Apr, 2026 03:09 PM

मध्य प्रदेश के खंडवा में वन विभाग की जमीन पर कब्जा लेने की कार्रवाई के दौरान जमकर हंगामा मच गया। आदिवासियों का कहना था कि चार पीढ़ियों से खेती कर रहे हैं , लेकिन बेवजह हमें हटाया जा रहा है। इस दौरान फॉरेस्ट अफसर और आदिवासी आमने-सामने आ गए।
खंडवा (मुश्ताक मंसूरी): मध्य प्रदेश के खंडवा में वन विभाग की जमीन पर कब्जा लेने की कार्रवाई के दौरान जमकर हंगामा मच गया। आदिवासियों का कहना था कि चार पीढ़ियों से खेती कर रहे हैं , लेकिन बेवजह हमें हटाया जा रहा है। इस दौरान फॉरेस्ट अफसर और आदिवासी आमने-सामने आ गए। इसी तनातनी के बीच वन अफसर ने धमकी दी कि सपोर्ट करो, वरना यहीं तुम्हारी कब्र खोदूंगा। पूरे गांव वाले देखते रह जाएंगे, इसलिए जैसा कह रहे हैं, वैसा करो।
मामला मांधाता विधानसभा क्षेत्र के ग्राम नरलाय का है
मामला मांधाता विधानसभा क्षेत्र के ग्राम नरलाय का है। यहां प्रशासन की टीम अवैध कब्जा हटाने पहुंची। गांव से लगी करीब 23 एकड़ राजस्व जमीन चार साल पहले वन विभाग को हैंडओवर की गई थी। सुपुर्दगी के लिए पत्राचार के बाद मौके पर कब्जा लेने पहुंचे तो अतिक्रमण मिला। यहां 15 से 20 परिवार लंबे समय से रह रहे हैं। ये लोग 85 एकड़ सरकारी जमीन पर खेती करते आ रहे हैं। वन विभाग ने राजस्व अधिकारियों के सामने अतिक्रमण हटाने की शर्त रखी। इसी कार्रवाई के लिए टीम मौके पर पहुंची। शनिवार को आदिवासी और वन अफसर आमने-सामने हुए। कार्रवाई जारी है।आदिवासी बोले- 80 साल हो गए, यहीं खेती करते हैं।
आदिवासी भील परिवार के भैयालाल, ओमप्रकाश, पंचम, जोगिया, अजय बारे और अरुण ने बताया कि पहले जमीन राजस्व विभाग की थी, अब वन विभाग वाले अपनी बता रहे हैं। हमारा चार पीढ़ियों से इस जमीन पर कब्जा है। 80 साल हो गए, यहीं रहते हैं और खेती करते हैं।
हम लोगों ने आज तक किसी से कोई विवाद नहीं किया। ना हमसे ग्रामीणों को आपत्ति है। यह जमीन बंजर थी, एक पौधा भी नहीं लगा हुआ था। हमने इसे खेत बनाकर सिंचित किया था। अब वन विभाग, राजस्व अधिकारी और पुलिस वाले आ गए। महज 4 घंटे में हमारी बस्ती को उजाड़ दिया।
फॉरेस्ट रेंजर बोले- ज्यादा फालतू बात मत करो
कब्जा कार्रवाई का वीडियो भी सामने आया। इसमें खंडवा फॉरेस्ट विभाग के रेंजर शंकर सिंह चौहान आदिवासियों से कहते दिखे कि, ज्यादा फालतू बात मत करो। हम सपोर्ट कर रहे हैं तो सपोर्ट लो, वरना यहीं तुम्हारी कब्र खोद दूंगा और गांव वाले देखते रह जाएंगे।
कार्रवाई के दौरान डिप्टी कलेक्टर ममता चौहान, पुनासा तहसीलदार, पटवारी और बड़ी संख्या में वनकर्मी मौजूद रहे। जेसीबी से 10 झोपड़ियां तोड़ी गईं। जमीन पर कंटूर ट्रेंच खोदे गए। बारिश के बाद पौधारोपण की बात कही गई है।
रेंजर का दावा- पत्थर उठाकर मारने आया था युवक
कब्र खोदने की बात पर रेंजर शंकर सिंह चौहान ने कहा कि वहां दो लड़के उत्पात मचा रहे थे। स्टाफ को गालियां दीं और महिला अफसर के सामने अश्लील बातें कीं। हमने समझाया कि जमीन पर अतिक्रमण है, इसलिए हटाया जा रहा है और सपोर्ट करो। इसी दौरान एक लड़का पत्थर लेकर दौड़ा। आवेश में ऐसी बातें निकल गईं।
यह जमीन ओंकारेश्वर के ओंकार पर्वत पर बन रहे अद्वैत लोक के बदले 2022 में वन विभाग को मिली थी। जहां आदिगुरु शंकराचार्य की प्रतिमा और अद्वैत लोक बन रहा है, वह संरक्षित वन भूमि थी। इसके बदले शासन ने ग्राम नरलाय की 9.36 हेक्टेयर (करीब 23 एकड़) राजस्व जमीन दी। इसका आवंटन सामान्य वनमंडल को किया गया है।
यह जमीन ओंकारेश्वर के ओंकार पर्वत पर बन रहे अद्वैत लोक के बदले 2022 में वन विभाग को मिली थी। जहां आदिगुरु शंकराचार्य की प्रतिमा और अद्वैत लोक बन रहा है, वह संरक्षित वन भूमि थी। इसके बदले शासन ने ग्राम नरलाय की 9.36 हेक्टेयर (करीब 23 एकड़) राजस्व जमीन दी। इसका आवंटन सामान्य वनमंडल को किया गया है।