100 से ज्यादा घरों पर चला बुलडोजर, विरोध में विधायक के साथ सड़क पर उतरे पीड़ित, नेशनल हाईवे जाम

Edited By Himansh sharma, Updated: 18 Jan, 2026 05:34 PM

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एक तरफ सरकार सुशासन और संवेदनशील प्रशासन की बात कर रही है, तो दूसरी तरफ बीजापुर में गरीब और असहाय परिवारों के घरों पर बुलडोजर चलाया गया।

बीजापुर। एक तरफ सरकार सुशासन और संवेदनशील प्रशासन की बात कर रही है, तो दूसरी तरफ बीजापुर में गरीब और असहाय परिवारों के घरों पर बुलडोजर चलाया गया। जिला मुख्यालय के नया बस स्टैंड के पीछे वन भूमि पर बने 100 से अधिक मकानों को जिला प्रशासन द्वारा जेसीबी से तोड़े जाने के विरोध में शनिवार को जबरदस्त आक्रोश देखने को मिला। प्रभावित परिवार स्थानीय विधायक विक्रम मंडावी के नेतृत्व में सड़क पर उतरे और नेशनल हाईवे पर चक्काजाम कर दिया।

बताया जा रहा है कि यह कार्रवाई करीब एक माह पूर्व की गई थी, लेकिन अब तक न तो पुनर्वास की व्यवस्था हुई और न ही पीड़ितों को कोई राहत मिली। तोड़े गए मकानों में नक्सल पीड़ित परिवारों के साथ-साथ स्थानीय पुलिस डीआरजी के कुछ जवानों के घर भी शामिल बताए जा रहे हैं। अचानक हुई इस कार्रवाई ने कई परिवारों को बेघर कर दिया, जिससे लोगों में भारी नाराजगी है।

बिना नोटिस कार्रवाई का आरोप

पीड़ितों का आरोप है कि नगर पालिका या वन विभाग की ओर से उन्हें किसी प्रकार का पूर्व नोटिस नहीं दिया गया। लोगों का कहना है कि वे पिछले तीन से चार वर्षों से यहां निवास कर रहे थे। ऐसे में सवाल उठता है कि इतने वर्षों तक प्रशासन मूकदर्शक क्यों बना रहा और अब अचानक बुलडोजर क्यों चला दिया गया।

विधायक पहुंचे मौके पर, प्रशासन पर साधा निशाना

चक्काजाम की सूचना पर विधायक विक्रम मंडावी स्वयं मौके पर पहुंचे और प्रशासनिक अधिकारियों से चर्चा करने का प्रयास किया। अधिकारियों के समय पर नहीं पहुंचने से स्थिति और अधिक तनावपूर्ण हो गई। विधायक ने इसे गरीबों के साथ अन्याय बताते हुए पुनर्वास की मांग की।

बातचीत के आश्वासन पर खुला जाम

काफी देर बाद नगर पालिका के अधिकारी और पुलिस बल मौके पर पहुंचे। अधिकारियों द्वारा पीड़ित परिवारों से बातचीत और समाधान का भरोसा दिए जाने के बाद नेशनल हाईवे से जाम हटाया गया। फिलहाल प्रशासन और प्रभावित नागरिकों के बीच बातचीत जारी है।

यह पूरा मामला प्रशासन की कार्यप्रणाली, मानवीय संवेदनशीलता और पुनर्वास नीति पर गंभीर सवाल खड़े करता है।

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