Edited By meena, Updated: 21 Apr, 2026 05:43 PM

मध्य प्रदेश में इन दिनों राजनीतिक सरगर्मी तेज है और मध्य प्रदेश की राजनीति एक अहम मोड़ पर दिखाई दे रही है। निगम-मंडलों और विभिन्न आयोगों में नियुक्तियों को लेकर जो हलचल चल रही है, वह सिर्फ पद वितरण नहीं बल्कि आने वाले...
भोपाल : मध्य प्रदेश में इन दिनों राजनीतिक सरगर्मी तेज है और मध्य प्रदेश की राजनीति एक अहम मोड़ पर दिखाई दे रही है। निगम-मंडलों और विभिन्न आयोगों में नियुक्तियों को लेकर जो हलचल चल रही है, वह सिर्फ पद वितरण नहीं बल्कि आने वाले चुनावी समीकरणों की बड़ी रणनीति का हिस्सा मानी जा रही है।सूत्रों के मुताबिक, पार्टी नेतृत्व इस बार संतुलन बनाने की कोशिश में है। जहां एक तरफ अनुभवी नेताओं को जगह दी जा रही है, वहीं दूसरी ओर नए चेहरों को भी मौका देने की रणनीति अपनाई जा रही है।
संभावित नामों में अरविंद भदौरिया, रामनिवास रावत, उमाशंकर गुप्ता और कमल पटेल जैसे दिग्गज शामिल बताए जा रहे हैं। इसके अलावा इमरती देवी और ध्रुव नारायण सिंह जैसे नाम भी चर्चा में हैं। खास तौर पर सिंधिया खेमे से जुड़े नेताओं को एडजस्ट करने की कोशिश भी साफ दिखाई दे रही है। सूची में मौजूदा विधायकों को भी शामिल किए जाने की संभावना जताई जा रही है। इसमें अभिलाष पांडे, अजय विश्नोई और शैलेंद्र जैन जैसे नाम सामने आ रहे हैं। इसके अलावा वरिष्ठ नेता गोपाल भार्गव को भी महत्वपूर्ण जिम्मेदारी मिलने की चर्चा है। यह साफ संकेत देता है कि संगठन और सरकार के बीच बेहतर तालमेल स्थापित करने पर जोर दिया जा रहा है।
दिल्ली से मिली हरी झंडी
सूत्रों का दावा है कि फाइनल सूची को केंद्रीय नेतृत्व के पास भेजा गया था और वहां से सहमति मिल चुकी है। भारतीय जनता पार्टी की कोर कमेटी की बैठक में भी इस पर विस्तार से चर्चा हो चुकी है। यह बैठक 14 अप्रैल को मुख्यमंत्री निवास में आयोजित हुई थी, जिसमें आगामी चुनावों को ध्यान में रखते हुए जल्द निर्णय लेने पर जोर दिया गया।
संभावना जताई जा रही है कि अप्रैल के अंत या मई के पहले सप्ताह में सूची जारी की जा सकती है। इससे पहले एल्डरमैन की नियुक्तियां भी हो सकती हैं, जिनमें करीब 1500 से अधिक कार्यकर्ताओं को जिम्मेदारी मिलने की बात कही जा रही है। इन नियुक्तियों का असर सिर्फ संगठन तक सीमित नहीं रहेगा, बल्कि स्थानीय राजनीति और आगामी चुनावों में भी इसका सीधा प्रभाव देखने को मिलेगा।