Edited By Desh Raj, Updated: 04 Jun, 2026 11:47 PM

भाजपा ने मध्य प्रदेश में अपने राज्यसभा प्रत्याशियो का ऐलान कर दिया है। पार्टी ने ऐसे चेहरों को चुना है जिनका कहीं कोई नाम नहीं चल रहा था और न ही उनके नाम की अटकलें लगाई जा रही थीं। दरअसल ये फैसला बीजेपी की इस सोच का परिणाम माना जा रहा है
(डेस्क): भाजपा ने मध्य प्रदेश में अपने राज्यसभा प्रत्याशियो का ऐलान कर दिया है। पार्टी ने ऐसे चेहरों को चुना है जिनका कहीं कोई नाम नहीं चल रहा था और न ही उनके नाम की अटकलें लगाई जा रही थीं। दरअसल ये फैसला बीजेपी की इस सोच का परिणाम माना जा रहा है जिसमें आम कार्यकर्ता औऱ संगठन के लिए निष्ठा से काम करने वाले कार्यकर्ता को मौका देना है। रजनीश अग्रवाल के नाम पर मोहर लगाना इसी सोच को दर्शाता है कि बीजेपी चुपचाप संगठन के लिए काम करने वाले नेताओं को नहीं भूलती है।
मध्य प्रदेश के सागर जिले से संबंध रखते हैं रजनीश अग्रवाल
रजनीश अग्रवाल पार्टी के वरिष्ठ संगठनात्मक नेताओं में शामिल हैं। ये मध्य प्रदेश के सागर जिले से ताल्लुक रखते हैं। राजेश अग्रवाल ने बूथ स्तर से लेकर प्रदेश स्तर तक कई महत्वपूर्ण जिम्मेदारियां निभाई हैं, जिसके चलते उन्हें अब पार्टी राज्यसभा भेजेगी। रजनीश अग्रवाल के बारे में बता दें कि वो लंबे समय से संगठन में काम कर रहे हैं। प्रदेश स्तर पर भाजपा के अहम पदों पर भी रहे हैं। अग्रवाल बूथ प्रबंधन, संगठन विस्तार के लिए पहचाने जाते हैं।
रजनीश अग्रवाल ने प्रदेश मंत्री, प्रदेश महामंत्री से लेकर बूथ प्रबंधन प्रभारी जैसी जिम्मेदारियां संभालते हुए काम किया हैं। दरअसल रजनीश अग्रवाल को धरातल से जुड़ा हुआ नेता माना जाता है, इसी वजह से वो कार्यकर्ताओं के बीच अलग ही पहचान रखते है। संगठन से ही उनकी पहचान बनी है. ऐसे में अब भाजपा ने राज्यसभा के लिए रजनीश अग्रवाल को उम्मीदवार बनाकर ये संदेश देने का काम किया है कि पार्टी संगठन के लिए काम करने वाले नेताओं को याद रखती है और संगठन में काम करने वाले लोगों को बड़े मुकाम पर भी पहुंचाती है। ऐसे में रजनीश अग्रवाल को प्रत्याशी बनाने पर बीजेपी के साधारण कार्यकर्ताओं में सकारात्मक संदेश जाएगा।