दतिया उपचुनाव को BJP ने बनाया नाक की लड़ाई, जिले से बाहर भी जीत सुनिश्चित करने के लिए चला ये दांव

Edited By Desh Raj, Updated: 18 Jul, 2026 04:14 PM

datia by election bjp reaches out to voters residing in sagar

मध्य प्रदेश की दतिया विधानसभा उपचुनाव को लेकर कांग्रेस और भाजपा में शह मात का खेल शुरु हो चुका है।दोनों दल अपनी अपनी रणनीति के साथ दंगल में उतर चुके हैं। इसी क्रम में बीजेपी ने वोटर्स को साधने के लिए एक और दांव चल दिया है।

(दतिया): मध्य प्रदेश की दतिया विधानसभा उपचुनाव को लेकर कांग्रेस और भाजपा में शह मात का खेल शुरु हो चुका है।दोनों दल अपनी अपनी रणनीति के साथ दंगल में उतर चुके हैं। इसी क्रम में बीजेपी ने वोटर्स को साधने के लिए एक और दांव चल दिया है। बीजेपी ने दतिया से बाहर रह रहे वोटर्स को भी साधना शुरु कर दिया है। अब भारतीय जनता पार्टी ने सागर में रह रहे वोटर्स तक पहुंचना भी शुरु कर दिया है।

सागर में रहने वाले लोगों तक पहुंची बीजेपी

बीजेपी दतिया जिले तक सीमित रहने के बजाय दूसरे शहरों में रह रहे मतदाताओं तक पहुंचकर उन्हें अपने पाले में करने की कोशिश में लग गई है। बीजेपी ने सागर में रहने वाले दतिया के लोगों और छात्रों से संपर्क करनी की शुरुआत कर दी है। दरअसल सागर में काफी संख्या में छात्र, नौकरीपेशा लोग रहते हैं, बीजेपी ने इन मतदाताओं से संपर्क करना शुरु कर दिया है ताकि इनका समर्थन प्राप्त किया जा सके।

पार्टी आलाकमान ने बीजेपी कार्यकर्ताओं को ये जिम्मेदारी सौंपी है। अपने परिचितों, रिश्तेदारों और दूसरे  लोगों के साथ संपर्क किया जाए और पार्टी के पक्ष में माहौल बनाया जाए।  बीजेपी दतिया से बाहर रहने वाले लोगों के वोटों को अपने पक्ष में करते माहौल बनाने में लग गई है।

बीजेपी के इस प्लान से सीधा सा पता चल रहा है कि बीजेपी किसी भी हाल में दतिया की सीट को अपने पक्ष मे करना चाहती है।बीजेपी  साल 2023 की गलती इस बार दोहराने के मूड में नहीं है। बीजेपी सामाजिक और जातीय समीकरणों पर विशेष फोकस कर रही है। पार्टी हर वर्ग तक पहुंचने के लिए  पार्टी के विभिन्न नेताओं को जिम्मेवार सौंप रही है। इस रणनीति से साफ है कि बीजेपी के लिए दतिया उपचुनाव कितना महत्वपूर्ण है और मैदान फतह करने के लिए पार्टी हर वो काम कर रही है जो जीत की ओर ले जाए।

सागर के कई नेताओं को जिम्‍मेदारी

बीजेपी ने सागर संभाग से जुड़े कई  नेताओं को भी इस उपचुनाव में जिम्मेदारी दी है। संगठन का मानना है कि इससे चुनाव में लाभ मिल सकता है। इसी के चलते अनुभवी नेताओं और पूर्व मंत्रियों को प्रचार अभियान का जिम्मा सौंपा गया है। लिहाजा दतिया के दंगल में पताका फहराने के लिए बीजेपी हर दांव चल रही है।

 

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