Edited By Desh Raj, Updated: 11 Apr, 2026 08:56 PM

मध्य प्रदेश में वंदे मातरम का अपमान करने के मामले पर विवाद बढ़ता ही जा रहा है। इस पर फिलहाल शांति बनती नहीं दिख रही है। कांग्रेस पार्षद रूबीना खान और पार्षद फौजिया अलीम पर कांग्रेस में ही कार्रवाई को लेकर मांग उठ रही है।
(इंदौर): मध्य प्रदेश में वंदे मातरम का अपमान करने के मामले पर विवाद बढ़ता ही जा रहा है। इस पर फिलहाल शांति बनती नहीं दिख रही है। कांग्रेस पार्षद रूबीना खान और पार्षद फौजिया अलीम पर कांग्रेस में ही कार्रवाई को लेकर मांग उठ रही है।
शहर अध्यक्ष चिंटू चौकसे भी सार्वजनिक तौर पर रूबीना को बाहर करने को लेकर बयान दे चुके हैं। इसी मामले को लेकर शनिवार को प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष जीतू पटवारी, पूर्व मंत्री सज्जन सिंह वर्मा, ने बंद कमरे में काफी देर तक बैठक की।
चिंटू चौकसे (Chintu Choukse) को सब्र करने की सलाह
बैठक में चिंटू चौकसे का रुख सबसे आक्रमक बताया जा रहा है। नेताओं से चिंटू चौकसे ने रूबीना पर कार्रवाई करने को लेकर कहा है, जिस पर सभी नेताओं ने चिंटू चौकसे को धैर्य रखने की सलाह दी।
यह बैठक शोभा ओझा के घर पर दोपहर के समय हुई है। निगम में हुए घटनाक्रम और स्थितियों पर चर्चा हुई। जानकारी ये भी है कि मींटिंग में दोनों पार्षदों को भी तलब किया जाना था, लेकिन उन्हें बुलाया नहीं गया। चिंटू चौकसे को भाजपा के बहकावे में नहीं आने की सलाह दी गई है। जीतू पटवारी ने चिंटू चौकसे को बजट सत्र फिर से बुलाने और बहस के लिए संभागायुक्त को पत्र लिखने का कहा है।
वहीं पूर्व मंत्री सज्जन सिंह वर्मा ने कहा, हर बार नगर निगम के बजट सत्र में भाजपा साजिश रचती है। इसलिए उन्होंने फिर से बजट सत्र बुलाने और मुद्दों पर बहस करने की बात कही है।
दरअसल, इंदौर नगर निगम में बजट के दौरान कांग्रेस पार्षदों रुबीना इकबाल और फौजिया शेख ने सदन में धर्म का हवाला देते हुए राष्ट्रीय गीत वंदे मातरम को गाने से मना कर दिया था। इसी के बाद सारा विवाद शुरु हुआ है।