Edited By Desh Raj, Updated: 30 Mar, 2026 08:27 PM

छत्तीसगढ़ हाईकोर्ट ने एक बड़ा और महत्वपूर्ण फैसला सुनाया है। हाईकोर्ट ने पुलिस विभाग की कार्रवाई पर सवाल उठाते हुए उसे अवैध ठहराया हैऔर बर्खास्त आरक्षक की सेवा बहाली के आदेश दे दिए हैं।
(बिलासपुर): छत्तीसगढ़ हाईकोर्ट ने एक बड़ा और महत्वपूर्ण फैसला सुनाया है। हाईकोर्ट ने पुलिस विभाग की कार्रवाई पर सवाल उठाते हुए उसे अवैध ठहराया हैऔर बर्खास्त आरक्षक की सेवा बहाली के आदेश दे दिए हैं। कोर्ट ने सुनवाई के दौरान पाया कि विभागीय जांच पूरी तरह से प्राकृतिक न्याय के सिद्धांतों के खिलाफ की गई थी और इस जांच मं याचिकाकर्ता को गवाहों से जिरह करने का भी पूरा मौका नहीं दिया गया। कोर्ट ने कार्रवाई को अवैध ठहराते हुए बर्खास्त आरक्षक शिवकुमार सायतोड़े की सेवा बहाल करने का आदेश दिया है।
पूरा मामला पारिवारिक विवाद से जुड़ा था
दरअसल इस मामले में याचिकाकर्ता की ओर से अधिवक्ता ने दलील देते हुए कहा कि ये पूरा मामला पारिवारिक विवाद से जुड़ा था लेकिन इसको बढ़ा-चढ़ाकर पेश करके विभागीय कार्रवाई अमल में लाई गई। वहीं सुनवाई के दौरान हाईकोर्ट ने भी माना कि आरोप वैवाहिक विवाद पर आधारित थे, इनके समर्थन में ठोस साक्ष्य प्रस्तुत नहीं किए गए। इसिलए आरक्षक को इतनी सख्त सजा उचित नहीं ठहराई जा सकती है।
वहीं इसके साथ ही कोर्ट ने कहा कि पुलिस कर्मी से अच्छे आचरण की अपेक्षा तो की जाती है लेकिन केवल व्यक्तिगत विवाद के आधार पर नौकरी , से बर्खास्त करना न्यायसंगत नहीं है। इसी आधार पर न्यायालय ने बर्खास्तगी आदेश के साथ ही अपील और पुनरीक्षण के आदेशों को भी रद्द कर दिया। कोर्ट ने आदेश दिया कि आरक्षक को तत्काल सेवा में बहाल किया जाए और उसे सेवा निरंतरता के साथ दूसरे लाभ भी दिए जाएं। लिहाजा ये एक महत्वपूर्ण फैसला माना जा रहा है।