केवल बिजली नहीं, लोगों को आर्थिक लाभ भी देगा MP का ये सोलर पावर प्लांट, सीएम डॉ. मोहन ने गिनाईं खूबियां

Edited By meena, Updated: 29 Apr, 2026 08:50 PM

cm dr yadav inaugurated the jalud solar power plant located in maheshwar

मध्यप्रदेश में बिजली को लेकर 29 अप्रैल का दिन इतिहास में दर्ज हो गया। दरअसल, मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने खरगौन जिले के महेश्वर स्थित जलूद सोलर पावल प्लांट का लोकार्पण...

भोपाल/खरगोन: मध्यप्रदेश में बिजली को लेकर 29 अप्रैल का दिन इतिहास में दर्ज हो गया। दरअसल, मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने खरगौन जिले के महेश्वर स्थित जलूद सोलर पावल प्लांट का लोकार्पण किया। इसकी खास बात यह है कि यह जनभागीदारी से निर्मित देश का पहला सोलर पावर प्लांट है। इसकी लागत 271.16 करोड़ रुपये की लागत है और यह 60 मेगावाट क्षमता वाला प्लांट है। इससे जनता को करीब 20 साल तक आर्थिक लाभ भी मिलेगा। इस मौके पर मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने न केवल प्लांट की खूबियां बताईं, बल्कि वे कांग्रेस पर जमकर बरसे। उन्होंने कहा कि कांग्रेस ने 5 दशकों से ज्यादा समय तक महिलाओं को उनके अधिकारों से वंचित रखा। बता दें, जलूद सोलर पावर प्लांट का भूमि-पूजन प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने 2023 में किया था। कार्यक्रम में हरित ऊर्जा पर जारी कार्यों पर केंद्रित लघु फिल्म का प्रदर्शन भी किया गया।

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मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा कि जलूद सोलर पावर प्लांट का लोकार्पण प्रदेश के साथ देशभर के लिए महत्वपूर्ण है। यहां सूर्य के प्रकाश को बिजली के रूप में बदलकर इंदौर नगर निगम लाभान्वित हो रहा है। लगभग 60 मेगावाट क्षमता की इस परियोजना में भारत सरकार की ओर से पूर्ण सहयोग मिला है। उन्होंने बताया कि ग्रीन बॉन्ड स्कीम के माध्यम से इस परियोजना में देश की जनता को भागीदार बनाया है। कोई भी व्यक्ति 1-1 लाख के 10 बॉन्ड खरीद सकता है। प्रत्येक एक लाख पर लगभग 8 प्रतिशत की बचत होगी, जिसका लाभ 20 साल तक मिलेगा। अगर जरूरत पड़े तो इस बॉन्ड को बेचा भी जा सकता है। इस प्रकार से सरकार ने घर बैठे लोगों को पैसे कमाने का अवसर दिया है। मध्यप्रदेश सबसे सस्ती बिजली देने वाला राज्य है। हमारी बिजली से दिल्ली में मेट्रो ट्रेन तक चल रही है।

अगले 10 साल सिर्फ लाभ के

मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि जलूद सोलर पावर प्लांट से दोहरा लाभ मिलेगा। इंदौर नगर निगम को बिजली तो मिलेगी ही, साथ में कार्बन उत्सर्जन भी कमी आएगी। बिजली उत्पादन में ग्रीन एनर्जी का नवाचार सर्वोत्तम है। इस परियोजना की लागत 10 साल में निकल जाएगी। अगले 10 साल सिर्फ लाभ के होंगे। उन्होंने कहा कि मध्यप्रदेश बदल रहा है। वर्ष 2002-03 तक प्रदेश में बिजली उत्पादन क्षमता केवल 5000 मेगावाट थी। एक समय था, जब रात में बिजली कटौती होती थी, दिन में बिजली तो मिलती ही नहीं थी। पूर्व प्रधानमंत्री स्व. अटल बिहारी वाजपेयी ने गांव-गांव को पक्की सड़कों से जोड़ा। विपक्षी दलों ने देश को विकास के मामले में अधर में छोड़कर पाप किया।

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सभी द्वादश ज्योर्तिलिंग परसिरों में स्थापित होगी वैदिक घड़ी

मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि अंग्रेजी काल गणना के 12 महीने भी भारतीय खगोल मापदंड के आधार पर बने हैं। हमारे खगोल वैज्ञानिकों ने आर्यभट्ट के दौर में बता दिया था कि सूर्य की परिक्रमा करने में सभी ग्रहों को अलग-अलग समय लगता है। शनि ग्रह का एक वर्ष साढे़ 29 साल में पूर्ण होता है। सभी ग्रहों और नक्षत्रों की गति के आधार पर वैदिक ज्ञान से पता चलता है कि सूर्य और चंद्र ग्रहण कब होगा। मध्यप्रदेश के विज्ञान और तकनीकी विभाग के सहयोग से प्राचीन ज्ञान के आधार पर राज्य सरकार ने वैदिक घड़ी तैयार की है। उन्होंने कहा कि पहले उज्जैन और उसके बाद काशी विश्वनाथ मंदिर में यह घड़ी स्थापित की गई। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने बाबा विश्वनाथ धाम में सम्राट विक्रमादित्य वैदिक घड़ी का अवलोकन किया है। मध्यप्रदेश सरकार के सहयोग से सभी द्वादश ज्योतिर्लिंग परिसरों में यह वैदिक घड़ी लगाई जा रही है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि प्रदेश में गेहूं का उपार्जन हो रहा है। हमारी सरकार ने दो साल में गेहूं का भाव 400 रुपए प्रति क्विंटल से अधिक बढ़ाकर किसानों को लाभ दिया है। प्रदेश में भाजपा की सरकारों में गेंहू का भाव 2100 रुपए बढ़ा है। मध्यप्रदेश आज बिजली सरप्लस राज्य है। कृषक कल्याण वर्ष में किसानों को सिंचाई के लिए दिन में भी बिजली देना का निर्णय लिया गया है।

कांग्रेस ने 55 साल तक बहनों को उनके अधिकारों से वंचित रखा

मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि महेश्वर-मंडलेश्वर क्षेत्र ज्ञान विज्ञान का केंद्र रहा है। महर्षि मंडन मिश्र के नाम से प्रसिद्ध इसी क्षेत्र में उनका शंकराचार्य से शास्रार्थ हुआ था। तब मंडन मिश्र ने अपनी पत्नी को न्यायाधीश की जिम्मेदारी सौंपी थी। यह घटना देश के इतिहास में नारी सशक्तिकरण का सबसे बड़ा उदाहरण थी। ऐसे में जब देश में नारी शक्ति वंदन अधिनियम को लागू कर माताओं-बहनों को उनका अधिकार देने की बात आई तो कांग्रेस सहित संपूर्ण विपक्ष इसके विरोध में एकजुट हो गया। देश की आजादी के बाद कांग्रेस ने 55 साल तक बहनों को उनके अधिकारों से वंचित रखा। उन्होंने कहा कि आज भी कांग्रेसी उसी रास्ते पर हैं। जब प्रधानमंत्री मोदी ने आधी आबादी को लोकसभा और विधानसभाओं में 33 प्रतिशत आरक्षण देने का संकल्प दोहराया तो कांग्रेसियों ने अड़ंगा लगा दिया। याद रखें, समय आएगा तो माताएं-बहनें इनसे एक-एक बात का हिसाब चुकता करेंगी। सीएम डॉ. यादव ने कहा कि अहिल्या माता ने मुगल शासन के कठिन दौर में देशभर के सनातनी मंदिरों को भव्यता के साथ विकसित किया।

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