Edited By meena, Updated: 10 Jan, 2026 07:40 PM

विदिशा और सागर जिले के दौरे के उपरांत भोपाल लौटते ही सीएम मोहन एक्शन मोड में दिखे। उन्होंने एयरपोर्ट पर ही VC के माध्यम से हाई लेवल बैठक ली। जिसमें जल सुरक्षा, जल संरक्षण और...
भोपाल: विदिशा और सागर जिले के दौरे के उपरांत भोपाल लौटते ही सीएम मोहन एक्शन मोड में दिखे। उन्होंने एयरपोर्ट पर ही VC के माध्यम से हाई लेवल बैठक ली। जिसमें जल सुरक्षा, जल संरक्षण और जल सुनवाई के महती उद्देश्य के लिये “स्वच्छ जल अभियान” 10 जनवरी 2026 से लांच किया और प्रदेश में स्वच्छ जल अभियान चलाने के निर्देश दिए। वीसी में मंत्री कैलाश विजयवर्गीय, प्रहलाद पटेल, सभी महापौर, जिला पंचायत अध्यक्ष, कमिश्नर, कलेक्टर, कमिश्नर नगरनिगम, सीईओ जिला पंचायत के साथ सभी अधिकारी एवं नगरीय एवं ग्रामीण क्षेत्र के जनप्रतिनिधि गण उपस्थित रहे।
अभियान के मुख्य बिन्दू
- “जल सुनवाई” से आम जनता को सुनवाई का हक मिलेगा और साफ़ पेयजल की सुनिश्चितता होगी।
- अभियान के क्रियान्वयन के लिये जन जागरूकता और सामुदायिक सहभागिता का लक्ष्य
- दो चरणों में अभियान का क्रियान्वयन (प्रथम 10 जनवरी से 28 फ़रवरी, द्वितीय 1 मार्च से 31 मई तक
- अभियान के तहत समस्त जल शोधन यन्त्र और पेयजल संग्रहण टंकियों की होगी सफाई, जीआईएस मैप आधारित एप से होगी निगरानी
- पेयजल पाइप लाइन में दूषित मिश्रण को रोकने की होगी कारवाई
- जीआईएस मैप पर वाटर पाइप लाइन और सीवेज पाइप लाइन की मैपिंग की जायेगी, इंटर पाइंट सेक्शन का होगा चिन्हांकन और लीकेज की होगी जांच
- रोबोट से होगी पाइप लाइन में लीकेज की जांच
- समस्त पेयजल स्त्रोत की गुणवत्ता का होगा परीक्षण
- अल्पकालीन और दीर्घकालीन उपायों के माध्यम से नागरिकों को साफ़ पीने का पानी उपलब्ध कराना सुनिश्चित करने के उद्देश्य को करेंगें पूरा
- जल की गुणवत्ता का नियमित होगा परीक्षण
- एसटीपी की भी होगी नियमित निगरानी
- हर मंगलवार होगी “जल सुनवाई”
- 181 पर पेयजल संबंधी शिकायतों को दर्ज करने की विशेष व्यवस्था
- पेयजल की समस्या से संबंधित आवेदन पत्र का निराकरण समयसीमा में, निराकरण से आवेदक को कराया जायेगा अवगत
मुख्यमंत्री के निर्देश
- हमारी जबावदारी है कि हम साफ़ जल घर-घर तक पहुंचायें
- तकनीक का उपयोग करते हेतू जबावदारी का निर्वहन करेंगें
- पेयजल की गुणवत्ता की नियमित जांच हो
- दूषित होने पर वैकल्पिक व्यवस्था की जाये
- किसी भी स्थित में दूषित पेयजल सप्लाई न हो
- जल सुनवाई का गंभीरता से आयोजन हो
- बड़ी चुनौती है, लेकिन गंभीरता से सामना करेंगे और देश में एक आदर्श प्रस्तुत करेंगें।
- अभियान के क्रियान्वयन मे लापरवाही करने वाले अधिकारियों और कर्मचारियों के विरुध्द होगी कड़ी कारवाई