इंफ्रास्ट्रक्चर पर ध्यान दे रही सरकार, CM मोहन बोले- खूबसूरत भवनों में दिखती है इंजीनियरों की कला साधना

Edited By meena, Updated: 15 Sep, 2026 05:45 PM

cm mohan says engineers  artistic dedication is reflected in beautiful building

मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव 15 सितंबर को भोपाल के कुशाभाऊ ठाकरे सभागार में आयोजित 'राज्य स्तरीय अभियंता दिवस समारोह' में शामिल हुए। उन्होंने दीप...

भोपाल : मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव 15 सितंबर को भोपाल के कुशाभाऊ ठाकरे सभागार में आयोजित 'राज्य स्तरीय अभियंता दिवस समारोह' में शामिल हुए। उन्होंने दीप प्रज्वलित कर कार्यक्रम का शुभारंभ किया। दीप प्रज्ज्वलन के बाद कार्यक्रम में वंदे मातरम का गायन हुआ। कार्यक्रम में मौजूद इंजीनियरों ने कहा कि राज्य सरकार उनके कल्याण के लिए हर संभव प्रयास कर रही है। सरकार की योजनाओं से जनता को लाभ हुआ है। इस दौरान सीएसआईआर, एम्प्री भोपाल और मध्यप्रदेश लोक निर्माण विभाग के बीच इंफ्रास्ट्रक्चर निर्माण के लिए एमओयू किया गया। यह अपनी तरह का पहला प्रयोग है। इसमें फ्लायऐश आधारित सीमेंट से सड़कें बनाई जाएंगी।

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कार्यक्रम में मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा कि 19-20वीं शताब्दी के दरम्यान हमारी सारी प्रतिभाएं देश को ध्यान में रखते हुए अलग-अलग प्रकार की राह बना रही थीं। उनमें एक महान शख्सियत मोक्षगुंडम विश्वेश्वरैया थे। उन्होंने इंजीनियरिंग की डिग्री के साथ शानदार जीवन जीया। उन्होंने कई विख्यात संरचनाएं बनाईं। उनकी एक-एक रचना उनकी सोच को दर्शाती है। सीएम डॉ. यादव ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का 17 सितंबर को जन्म दिवस है। उनके नेतृत्व में भारत आर्थिक ताकत बनकर उभरा है।  आज शासन के विभाग आत्मविश्वास के साथ अलग पहचान बना रहे हैं। उन्होंने कहा कि इंजीनियर में मुझे इंजन शब्द का आभास होता है। इंजन का अर्थ ही यही है कि जो सारी ताकत और क्षमता लगाकर संचालन करे। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि पुराने समय में बड़े-बड़े भवन, बड़ी-बड़ी अट्टालिकाएं, बड़ी-बड़ी रचनाएं, अजंता-एलोरा का भगवान कैलाश का मंदिर, मंदसौर का धर्मराजेश्वर, दिव्य प्रतिमाएं हमें प्राचीन की कला और कौशल याद दिलाती हैं। भारत की पहली संसद प्रदेश के मुरैना के पास के स्थान से प्रेरणा लेकर बनाई गई। आजादी के बाद जो दूसरा संसद भवन बना उसकी प्रेरणा भी विदिशा जिले के पास के बिजासन मंदिर से ली गई। उन्होंने कहा कि हमारी रचनाएं हजारों साल पुरानी हैं। इन रचनाओं में महान विभूतियों की कला साधना छिपी हुई है।

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तकनीक के साथ हो रहा नवाचार

सीएम डॉ. यादव ने कहा कि मैं लोक निर्माण विभाग को बधाई देता हूं। विभाग ने उत्कृष्ट कार्य किया है। विभाग ने रानी दुर्गावती को स्मरण किया। वे सुशासन की-वीरता की मिसाल हैं। उन्होंने देश की अस्मिता के लिए बलिदान दिया। उन्होंने नर्मदा के किनारे जबलपुर को बसाया। यहां उन्होंने पर्यावरण को ध्यान में रखते हुए बूंद-बूंद सहेजी। लोक निर्माण विभाग ने सम्राट विक्रमादित्य को स्मरण किया। सम्राट विक्रमादित्य सुशासन और टीम भावना का प्रतीक थे। राजा भोज को भी स्मरण किया। ओल्ड इज गोल्ड। सीएम डॉ. मोहन यादव ने कहा कि विभाग तकनीक को साथ लेकर नवाचार कर रहा है। विभाग खुद फंड इकट्ठा कर इंफ्रास्ट्रक्चर बना रहा है, यह बड़ी बात है। लोक निर्माण विभाग और सीएसआईआर, एम्प्री के साथ नवाचार से अधोसंरचना विकास को नई दिशा मिलेगी। लोक निर्माण विभाग देश का सबसे अच्छा विभाग बन रहा है। मध्य प्रदेश सरकार सदैव नवाचारी विचारों और कार्यों को आगे बढ़ाने में साथ है।

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समस्या का समाधान है इंजीनियरिंग

लोक निर्माण मंत्री राकेश सिंह ने कहा कि मुख्यमंत्री डॉ. यादव के नेतृत्व में सभी विभाग विकास की सीढ़ियां चढ़ रहे हैं। मध्यप्रदेश में विकास की तस्वीर बदल रही है, इसमें लोक निर्माण विभाग के इंजीनियर्स का टीम वर्क महत्वपूर्ण स्थान रखता है। सर  मोक्षगुंडम विश्वेसरैया ने कहा था कि इंजीनियरिंग केवल एक तकनीक नहीं है, यह समस्याओं का समाधान निकालने की एक क्षमता है। हमारे इंजीनियर समस्याओं और चुनौतियों से आगे बढ़कर नए रास्ते खोजते हैं। प्रधानमंत्री मोदी के नेतृत्व में विकसित भारत @2047 के लक्ष्य को ध्यान में रखते हुए हमारे इंजीनियर्स देशभर में बेहतर अधोसंरचनाएं तैयार कर रहे हैं। मध्यप्रदेश सरकार विकसित भारत के विजन के अनुरूप कार्य करने में सबसे आगे है। उन्होंने कहा कि हमें रुकना नहीं है, समाधान का मार्ग तलाशना है। इंजीनियर्स के लिए तीन बातें- खोजी स्वभाव, अनुभव और परफेक्शन सबसे अधिक मायने रखती हैं। इंजीनियर्स ही किसी देश के विकास के सपनों को आकार देता है। इंजीनियर अपने विचारों पर मंथन करें, इन्हीं से नवाचार निकलेगा। इस दिशा में भास्कराचार्य संस्थान की भूमिका भी अहम है। पिछले 9 महीने में प्रदेशभर के 85 प्रतिशत इंजीनियर्स को प्रशिक्षण दिया गया है। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने भोपाल में इंजीनियर्स की ट्रेनिंग के लिए संस्थान प्रारंभ करने का संकल्प लिया है। आज हम सीएसआईआर, एम्प्री के साथ लोक निर्माण विभाग एमओयू कर रहा है, जिससे हमें सीमेंट के बिना कांक्रीट की सड़क बनाने की तकनीक भी मिलेगी। मध्यप्रदेश में बनने वाले सरकारी भवन अब ग्रीन बिल्डिंग टेक्नोलॉजी पर बनेंगे। मध्यप्रदेश के लोक निर्माण विभाग के नवाचारों को देश के अनेक राज्यों ने अपनाया है। लोक निर्माण विभाग ने अपने कामकाज के तरीके से अपनी छवि बदली है। लोक कल्याण हमारा लक्ष्य है। उन्होंने कहा कि गुणवत्ता हमारी पहचान है। नवाचार हमारी शक्ति है। तकनीक हमारा भविष्य है और विकसित मध्यप्रदेश हमारा संकल्प है। एमपीआरडीसी अगले एक साल में लगभग 2 लाख करोड़ रुपए लागत के कार्य करेगा।

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नवाचारों को जोड़ा संकल्प के साथ

लोक निर्माण विभाग के प्रमुख सचिव सुखवीर सिंह ने कहा कि लोक निर्माण विभाग ने लोक कल्याण के लिए नवाचारों को अपने संकल्प के साथ जोड़ा है। हमारी सड़कें किसानों को बाजार, युवाओं को स्कूल और नारी को रोजगार तक ले जाने में अहम भूमिका निभाती है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव के नेतृत्व में सरकार अधोसंरचना विकास पर विशेष जोर दे रही है। एमपीआरडीसी ने लगभग 30 हजार करोड़ लागत के कार्य पूर्ण किए हैं। मध्यप्रदेश प्रधानमंत्री मोदी के विकसित भारत के विजन के अनुरूप अधोसंरचना विकास का रोडमैप तैयार किया है। सड़क निर्माण में रोड सेफ्टी सहित आधुनिक निर्माण से जुड़े विशेषज्ञों के सुझाव लिए जा रहे हैं। पिछले 9 महीने में तुलनात्मक रूप से ब्लैक स्पॉट के कारण होने वाली दुर्घटनाओं में मृत्यु दर में कमी आई है। लोक निर्माण विभाग (भोपाल परिक्षेत्र) के प्रमुख अभियंता आरएल वर्मा ने सर मोक्षगुंडम विश्वेसरैया का जीवन परिचय दिया। महाराष्ट्र के पुणे में सर विश्वेसरैया ने प्रसिद्ध खड़गबासला जलाशय का निर्माण किया था। वर्मा ने कहा कि आज सभी अभियंताओं के लिए अपनी संकल्पनाओं को धरातल पर उतारने के लिए महत्वपूर्ण दिन है। इंजीनियर्स उत्कृष्ट स्तर की संरचनाएं तैयार करें। उन्होंने लोक निर्माण विभाग में अधिकारियों-कर्मचारियों की पदोन्नति के लिए मुख्यमंत्री डॉ. यादव का आभार व्यक्त किया।

इनका हुआ सम्मान

कार्यक्रम में ईश्वर सिंह चंदेली, मानवेंद्र सिंह सेंगर, मनीष कुमार शर्मा,  अर्चित लाहौटी, अमन अग्रवाल, नितिन अग्रवाल, नितिन बरसैया, राजेश दायमा, शशांक शर्मा, हर्षिता वार्ष्णेय, दीपक नामदेव, साहित्य तिवारी, अनिल श्रीवास्तव, पुष्कल प्रताप, मोहन किशोर, महेंद्र डोलिया, शिवेंद्र सिंह, रामसिंह रघुवंशी, आशीष मंडल का सम्मान किया गया। इस दौरान सेवानिवृत्त सचिव लोक निर्माण विभाग सतीश चंद्र पांडे और सेवानिवृत्त प्रमुख अभियंता जीएस पल्नितकर को विशेष सम्मान दिया गया।

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