Edited By Vikas Tiwari, Updated: 28 Aug, 2026 07:58 PM

रक्षाबंधन पर्व के अवसर पर मुख्यमंत्री मोहन यादव शुक्रवार को खाचरौद के ग्राम चिरोला फंटा स्थित संत श्री निजानंद धाम आश्रम पहुंचे। यहां उन्होंने पूजा-अर्चना कर श्री श्री 1008 सचिदानंद महाराज की पुण्यतिथि पर पुष्पांजलि अर्पित की।
उज्जैन: रक्षाबंधन पर्व के अवसर पर मुख्यमंत्री मोहन यादव शुक्रवार को खाचरौद के ग्राम चिरोला फंटा स्थित संत श्री निजानंद धाम आश्रम पहुंचे। यहां उन्होंने पूजा-अर्चना कर श्री श्री 1008 सचिदानंद महाराज की पुण्यतिथि पर पुष्पांजलि अर्पित की।
मुख्यमंत्री मोहन यादव ने आश्रम परिसर स्थित शिव मंदिर में रुद्राभिषेक और षोडशोपचार पूजन किया। इसके बाद संत श्री निजानंद जी महाराज की गादी पर पूजा-अर्चना कर आरती की। मुख्यमंत्री ने आश्रम में मौजूद संतों का वंदन कर उनका आशीर्वाद प्राप्त किया और प्रसादी ग्रहण की। इस दौरान श्री निजानंद धाम सेवा समिति की ओर से मुख्यमंत्री मोहन यादव का स्वागत एवं सम्मान किया गया। मुख्यमंत्री ने सचिदानंद जी महाराज के शिष्य श्री विवेक महाराज से भी मुलाकात की।
मुख्यमंत्री मोहन यादव ने प्रदेशवासियों को रक्षाबंधन पर्व की शुभकामनाएं देते हुए कहा कि संत श्री निजानंद आश्रम आकर उन्हें दर्शन और पूजा का अवसर मिला। उन्होंने कहा कि यह स्थान देश, प्रदेश और मालवा की सनातन संस्कृति की विभूतियों की अलौकिक आभा से परिचित कराता है। संतों के आशीर्वाद से सभी को सद्कार्य की प्रेरणा मिलती है। मुख्यमंत्री ने कहा कि श्री निजानंद जी महाराज के पश्चात स्वामी सचिदानंद जी महाराज ने इस स्थान को चेतना प्रदान करते हुए पूरे क्षेत्र को चैतन्य किया। उन्होंने कहा कि संतों की मूल भावना 'सर्वे भवन्तु सुखिनः, सर्वे सन्तु निरामयाः' को आत्मसात करते हुए सभी के कल्याण की कामना करनी चाहिए। कार्यक्रम में नागदा-खाचरौद क्षेत्र के विधायक तेज बहादुर सिंह चौहान, श्री राजेश धाकड़, उज्जैन विकास प्राधिकरण के अध्यक्ष श्री रवि सोलंकी, श्री नरेश शर्मा सहित स्थानीय जनप्रतिनिधि और अधिकारी मौजूद रहे।
बहनों ने CM मोहन यादव को बांधी राखी
मुख्यमंत्री मोहन यादव जब धार्मिक कार्यक्रम में शामिल होने के लिए खाचरौद हेलीपेड पहुंचे, तो वहां नागदा निवासी श्रीमती माया तितलिया और मनीषा अखिलेश शर्मा ने उन्हें रक्षाबंधन के अवसर पर राखी बांधी और शुभकामनाएं दीं। मुख्यमंत्री ने भी दोनों बहनों का आत्मीयता से मुंह मीठा कराया और उन्हें रक्षाबंधन की शुभकामनाएं दीं।