महिला मरीज का BP लेने में अटकी CHO, कलेक्टर ने पूछा- डिग्री कहां से ली? मौके पर सिखाई पूरी प्रक्रिया

Edited By Himansh sharma, Updated: 29 Aug, 2026 06:42 PM

collector teaches cho how to check bp during surprise inspection

जिले के सापौन उप स्वास्थ्य केंद्र में शनिवार को कलेक्टर विवेक श्रोतिय के औचक निरीक्षण के दौरान स्वास्थ्य व्यवस्था से जुड़ी एक ऐसी स्थिति सामने आई, जिसने केंद्र की कार्यप्रणाली पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए।

टीकमगढ़। जिले के सापौन उप स्वास्थ्य केंद्र में शनिवार को कलेक्टर विवेक श्रोतिय के औचक निरीक्षण के दौरान स्वास्थ्य व्यवस्था से जुड़ी एक ऐसी स्थिति सामने आई, जिसने केंद्र की कार्यप्रणाली पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए। निरीक्षण के दौरान पदस्थ कम्युनिटी हेल्थ ऑफिसर (CHO) रितु अहिरवार एक महिला मरीज का ब्लड प्रेशर जांचने की प्रक्रिया पूरी नहीं कर सकीं। मौके पर मौजूद कलेक्टर ने स्थिति को देखते हुए स्वयं हस्तक्षेप किया। उन्होंने CHO को महिला मरीज का BP जांचने की प्रक्रिया समझाई और मौके पर ही इसका तरीका बताया। इसके बाद कलेक्टर ने CHO से उनकी शैक्षणिक योग्यता और संबंधित डिग्री के बारे में भी जानकारी ली।

ग्रामीणों ने बताई केंद्र की दूसरी तस्वीर

औचक निरीक्षण के दौरान स्थानीय ग्रामीणों ने भी कलेक्टर के सामने उप स्वास्थ्य केंद्र की व्यवस्थाओं को लेकर अपनी समस्याएं रखीं। ग्रामीणों का आरोप था कि केंद्र नियमित रूप से नहीं खुलता, जिसके चलते आसपास के लोगों को समय पर स्वास्थ्य सेवाएं नहीं मिल पातीं। ग्रामीणों ने बताया कि छोटी-बड़ी स्वास्थ्य समस्याओं के लिए भी उन्हें दूसरे स्थानों का रुख करना पड़ता है। केंद्र की अनियमितता के कारण मरीजों और उनके परिजनों को परेशानी का सामना करना पड़ रहा है।

कलेक्टर ने अधिकारियों को दिए सख्त निर्देश

ग्रामीणों की शिकायतें सुनने के बाद कलेक्टर विवेक श्रोतिय ने संबंधित अधिकारियों को स्वास्थ्य केंद्र की व्यवस्थाओं में तत्काल सुधार करने के निर्देश दिए। उन्होंने स्पष्ट रूप से कहा कि ग्रामीण क्षेत्रों में संचालित स्वास्थ्य केंद्रों का उद्देश्य लोगों को उनके नजदीक ही समय पर आवश्यक चिकित्सा सुविधा उपलब्ध कराना है। कलेक्टर ने केंद्र के नियमित संचालन, स्वास्थ्य सेवाओं की उपलब्धता और मरीजों को बेहतर सुविधा सुनिश्चित करने पर विशेष जोर दिया।

औचक निरीक्षण ने उठाए अहम सवाल

सापौन उप स्वास्थ्य केंद्र का यह निरीक्षण केवल एक कर्मचारी की कार्यप्रणाली तक सीमित नहीं रहा। मौके पर सामने आई स्थिति और ग्रामीणों की शिकायतों ने ग्रामीण स्वास्थ्य केंद्रों की नियमितता तथा वहां उपलब्ध सेवाओं की निगरानी व्यवस्था पर भी सवाल खड़े कर दिए हैं। अब देखने वाली बात यह होगी कि कलेक्टर के निर्देशों के बाद उप स्वास्थ्य केंद्र की व्यवस्था में कितना सुधार होता है और ग्रामीणों को स्वास्थ्य सेवाएं नियमित रूप से मिल पाती हैं या नहीं।

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