कांग्रेस का हल्ला बोल! राज्य में बिजली के दाम कम करने तथा स्मार्ट मीटर वापस लेने के लिए पार्टी का आंदोलन आज से शुरू

Edited By Vandana Khosla, Updated: 01 Aug, 2026 11:17 AM

congress launches a protest the party s agitation to reduce

रायपुर (पुष्पेंद्र सिंह): राजीव भवन में पत्रकार वार्ता को संबोधित करते हुए प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष दीपक बैज ने कहा कि बिजली के दाम की बढ़ोत्तरी वापस लेने तथा स्मार्ट मीटर वापस लेने एवं 400 यूनिट तक बिजली बिल हॉफ योजना को फिर से शुरू करने के लिए...

रायपुर (पुष्पेंद्र सिंह): राजीव भवन में पत्रकार वार्ता को संबोधित करते हुए प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष दीपक बैज ने कहा कि बिजली के दाम की बढ़ोत्तरी वापस लेने तथा स्मार्ट मीटर वापस लेने एवं 400 यूनिट तक बिजली बिल हॉफ योजना को फिर से शुरू करने के लिए कांग्रेस आंदोलन करने जा रही है।

1. 1 अगस्त को सभी जिलो में पत्रकार वार्ता लेकर बिजली के दाम बढ़ोत्तरी का विरोध किया जाएगा तथा बिजली के बढ़े दाम वापस लिए जाने की मांग की जाएगी।
2. 2 अगस्त से कांग्रेस के कार्यकर्ता स्मार्ट मीटर के खिलाफ घर-घर से आवेदन भरवा कर स्मार्ट मीटर हटाने की मांग करेंगे तथा आम जनता के द्वारा बिजली के दाम बढ़ाने के
   विरोध में विरोध पत्र भरवायेंगे, बिजली के दाम बढ़ोत्तरी को वापस लेने की मांग दो महिने तक करेंगे।
3. दो माह पश्चात जिलों में भरवाये गए फार्म को लेकर प्रदेश भर में हम जिले के बिजली दफ्तर का घेराव करेंगे एवं एकत्रित आवेदन जमा कराएंगे, पावती लेंगे।
4. सभी जिलों में फार्म भरवाने तथा जिले के बिजली दफ्तरों के घेराव के बाद प्राप्त पावती को लेकर प्रदेश के मुख्यमंत्री जो कि बिजली मंत्री भी है उनके निवास का घेराव करेंगे।
5. भाजपा सरकार ने जुलाई से घरेलू उपभोक्ताओं के दाम में 30 से 50 पैसे तथा गैर घरेलू में 20 से 40 पैसे की बढ़ोत्तरी किया है। कृषि के पंप की बिजली में भी 40 पैसे की
   बढ़ोत्तरी की गई है। भाजपा की सरकार बनने के बाद लगातार पांचवी बार बिजली के दाम बढ़ाये गए है।
6. बिजली के बेतहाशा बिल जनता की परेशानी का कारण बने हुये है। हाल ही में भाजपा सरकार ने बिजली के दामों में 12 प्रतिशत विद्युत ईधन अधिभार (एमपीपीएस) के रूप में
   बढ़ोत्तरी किया था।
7. भाजपा की सरकार आने के बाद अभी तक 31.23 प्रतिशत बिजली के दाम बढ़ाये गये है। कांग्रेस की सरकार ने 5 साल में केवल 2 पैसे की बढ़ोत्तरी बिजली के दामों में किया
   था, उसमें भी 400 यूनिट तक बिजली बिल हाफ योजना लागू थी।
8. भाजपा से सरकार नहीं संभल नही रही है। वह केवल जनता पर बोझ डालने का काम करती है।
9. 400 यूनिट तक बिजली बिल हाफ योजना बंद करने के बाद पांच बार बिजली के दाम बढ़ाया जाना जनता पर बोझ है। सरकार का बिजली विभाग उपभोक्ताओं को बिल के नाम
   पर लूटने में लगा है।
10 पिछले कुछ महीनों से बिजली के बिल तीन से चार गुना आ रहे है। बिजली के खपत का अनुबंध भार क्षमता बिना उपभोक्ता की सहमति के बढ़ा दिया जा रहा है। जबकि
   उपभोक्ता की सहमति के बिना उसका अनुबंध भार नहीं बढ़ाया जा सकता।
11. स्मार्ट मीटर से खपत बढ़ा कर फिर खपत ज्यादा होने का हवाला देकर अनुबंध भार बढ़ा दिया जा रहा है और एग्रीमेंट से अधिक खपत की बात कर बढ़े अनुबंध भार के आधार
    पर अर्थदंड जोड़कर बिजली के बिल भेजे जा रहे है।
12. बिजली बिल ज्यादा आने का तीन कारण है। पहला सरकार ने बिजली के दाम बढ़ा दिया है। दूसरा बिजली बिल हाफ योजना बंद हो गई। तीसरा स्मार्ट मीटर लगाए गए है जो
    अनाप शनाप खपत से अधिक रीडिंग बता रहा जिससे बिल अधिक आ रहा। अडानी की कंपनी के स्मार्ट मीटर लगाये गये है।
13. संसद में केंद्रीय ऊर्जा मंत्री मनोहर लाल खट्टर जी ने अप्रैल 2026 में स्पष्ट किया था कि स्मार्ट प्रीपेड मीटर किसी भी उपभोक्ता पर जबरन नहीं थोपे जा रहे हैं, और यह पूरी
    तरह वैकल्पिक व्यवस्था है और उपभोक्ताओं की सहमति या अनुमति के बिना सामान्य बिजली मीटर को स्मार्ट मीटर में बदलना गैर कानूनी है। छत्तीसगढ़ में स्मार्ट मीटर जबरिया  
    क्यों लगाया जा रहा है?

कांग्रेस मांग करती है कि -

1. बिजली के दाम घटाए जाए।
2. 400 यूनिट तक बिजली बिल हॉफ योजना लागू की जाए।
3. स्मार्ट मीटर वापस लिया जाए।
4. उत्तर प्रदेश, तमिलनाडु में स्मार्ट मीटर वहां की भाजपा सरकार ने वापस लेने का निर्णय लिया है। छत्तीसगढ़ में भी सरकार जनहित में स्मार्ट मीटर वापस ले।


आदिवासियों को नुमाईश का समान मत बनाए शिक्षा और रोजगार चाहिए

प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष दीपक बैज ने कहा कि बस्तर पंडुम आदिवासियों के संस्कृति, रूढ़िवादी परंपरा संस्कृति त्यौहार है, यह सरकार का कोई आयोजन नहीं है आदिवासियों को राष्ट्रपति से मिले दिल्ली, मुम्बई, विदेश ले जाए। कोई आपत्ति नहीं है। इससे क्या आदिवासी वर्ग के युवाओं को नौकरी मिल जाएगा। स्वास्थ्य, शिक्षा, रोजगार के संकट दूर हो जाएंगे। बस्तर पंडुम नाम से सरकार ने भारी भ्रष्टाचार किया है। केंद्रीय गृहमंत्री के आगमन पर 6 करोड़ 14 लाख से अधिक गड़बड़ी की गई। ये पैसा आदिवासी वर्ग के बेहतरी पर खर्च होना था। सरकार सिर्फ आदिवासियों को धोखा दे रही है। सरकार आदिवासियों को नुमाईश का समान मत समझे, हमारे युवाओं को शिक्षा, रोजगार विकास चाहिए। हमें समान अवसर चाहिए। सरकार आदिवासियों को ठगने के बजाय उनके विकास की योजना बनाए।

PunjabKesari

Related Story

Trending Topics

img title
img title

Be on the top of everything happening around the world.

Try Premium Service.

Subscribe Now!