Edited By Desh Raj, Updated: 10 Jun, 2026 09:30 PM

राजनीति में पक्ष और विपक्ष में मतभेद और आरोप प्रत्यारोप का होना आम बात है। नेता और चुने हुए प्रतिनिधि एक दूसरे पर हमले करते रहते हैं,लेकिन ये सब तभी अच्छा लगता है जब गरिमा में रहे। आजकल मध्य प्रदेश में भाजपा और कांग्रेस में जुबानी जंग चरम पर है...
(भोपाल): राजनीति में पक्ष और विपक्ष में मतभेद और आरोप प्रत्यारोप का होना आम बात है। नेता और चुने हुए प्रतिनिधि एक दूसरे पर हमले करते रहते हैं,लेकिन ये सब तभी अच्छा लगता है जब गरिमा में रहे। आजकल मध्य प्रदेश में भाजपा और कांग्रेस में जुबानी जंग चरम पर है क्योंकि राज्यसभा चुनाव के लिए कांग्रेस उम्मीदवार मीनाक्षी नटराजन का फॉर्म निरस्त होने के बाद कांग्रेस का गुस्सा सातवें आसमान पर है। इसका अंदाजा इसी बात से लगाया जा सकता है कि कांग्रेसी विधायक मर्यादाओं लांघकर कुछ ऐसा बोल गए हैं जो काफी विवादित है।
श्योपुर से कांग्रेस विधायक बाबू जंडेल ने एक विवादित बयान देते हुए मुख्यमंत्री के लिए अपशब्दों का प्रयोग किया है और साथ ही उन्होंने मीनाक्षी की तुलना महाभारत के द्रौपदी चीरहरण से कर दी है। भरी सभा में सीएम के खिलाफ बोले गए अपशब्दों को सुनकर कुछ देर के लिए लोग भी हैरान रह गए।
विधायक बाबू जंडेल ने सार्वजनिक मंच से सारी मर्यादाएं लांघते हुए राज्य के मुख्यमंत्री के खिलाफ आपत्तिजनक बोल डाला। बाबू जंडेल ने मीनाक्षी नटराजन का नामांकन फॉर्म निरस्त किए जाने के मुद्दे पर भड़ास निकाली है। कार्रवाई से नाराज बाबू जंडेल ने मुख्यमंत्री को सीधे तौर पर अपशब्द कह डाले। CM और राज्य सरकार पर बरसते हुए उन्होंने दिग्विजय सिंह की तारीफ की, जंडेल ने सत्तापक्ष के नेताओं पर हमला करते हुए कहा कि जो लोग सत्ता के मद में चूर हैं, उनकी असली औकात पूर्व मुख्यमंत्री दिग्विजय सिंह के पैरों की चप्पल के बराबर भी नहीं है.
कांग्रेस विधायक बाबू जंडेल ने पूरे मामले की तुलना महाभारत ग्रंथ से करते हुए कहा कि इस पूरी प्रशासनिक कार्रवाई के दौरान मीनाक्षी का सरेआम चीरहरण हुआ है। वैसे महाभारत काल में कौरवों की सभा में भरी महफिल के बीच द्रौपदी का चीरहरण किया गया था वैसा ही हुआ है। लिहाजा कांग्रेसी विधायक के इस बयान से मध्य प्रदेश की राजनीति में उफान है।