MLA रेस्ट हाउस में आधी रात को बवाल, विधायक के बेटे से जमकर मारपीट

Edited By Himansh sharma, Updated: 26 Jun, 2026 03:17 PM

bhopal political row deepens after assault on congress mla s son

राजधानी भोपाल स्थित एमएलए रेस्ट हाउस में बुधवार देर रात हुआ विवाद अब राजनीतिक और प्रशासनिक दोनों स्तरों पर चर्चा का विषय बन गया है।

भोपाल। राजधानी भोपाल स्थित एमएलए रेस्ट हाउस में बुधवार देर रात हुआ विवाद अब राजनीतिक और प्रशासनिक दोनों स्तरों पर चर्चा का विषय बन गया है। कांग्रेस विधायक दिनेश गुर्जर के बेटे देवराज सिंह गुर्जर के साथ कथित मारपीट की घटना के बाद मामला थाने तक पहुंचा, जहां पुलिस और विधायक पुत्र के साथियों पर भी गंभीर आरोप लगाए गए हैं। पूरे घटनाक्रम ने सुरक्षा व्यवस्था और पुलिस कार्रवाई दोनों पर सवाल खड़े कर दिए हैं।

जानकारी के अनुसार, मुरैना से कांग्रेस विधायक दिनेश गुर्जर को आवंटित एमएलए रेस्ट हाउस में उनके पुत्र देवराज सिंह गुर्जर अपने दोस्तों के साथ मौजूद थे। इसी दौरान रात करीब 11 बजे परिसर के बाहर दो कारों की मामूली टक्कर के बाद कुछ युवकों के बीच विवाद शुरू हो गया। बताया जा रहा है कि देवराज ने बीच-बचाव करने की कोशिश की, लेकिन देखते ही देखते कहासुनी हाथापाई में बदल गई और उनके साथ मारपीट हुई।

घटना की सूचना मिलते ही पुलिस मौके पर पहुंची और कुछ युवकों को हिरासत में ले लिया। इसके बाद विवाद ने नया मोड़ ले लिया। हिरासत में लिए गए युवकों का आरोप है कि विधायक पुत्र के कुछ साथी थाने तक पहुंच गए और वहां भी उनके साथ मारपीट की गई। इतना ही नहीं, पुलिस पर भी आरोपितों को थर्ड डिग्री देने के गंभीर आरोप लगाए गए हैं।

वहीं पुलिस का कहना है कि विधायक पुत्र के साथ मारपीट की शिकायत के आधार पर चार आरोपितों के खिलाफ प्रकरण दर्ज किया गया है। पुलिस ने उन्हें गिरफ्तार कर लिया है, जबकि पांच अन्य युवकों पर प्रतिबंधात्मक धाराओं के तहत कार्रवाई की गई है। थाना प्रभारी का कहना है कि पूरे मामले की निष्पक्ष जांच की जा रही है और सभी पहलुओं की पड़ताल की जाएगी।

घटना के बाद कांग्रेस विधायक दिनेश गुर्जर ने एमएलए रेस्ट हाउस की सुरक्षा व्यवस्था पर सवाल उठाए हैं। उनका कहना है कि प्रदेश के जनप्रतिनिधियों के लिए बने इस परिसर में पर्याप्त सुरक्षा इंतजाम नहीं हैं। परिसर में सीसीटीवी कैमरों का अभाव है, जिससे घटनाओं की सच्चाई सामने लाने में कठिनाई होती है। उन्होंने यह भी याद दिलाया कि कुछ सप्ताह पहले भी इसी परिसर में चोरी की घटना सामने आई थी, लेकिन सुरक्षा व्यवस्था में अब तक कोई प्रभावी सुधार नहीं किया गया।

अब इस मामले में सभी की नजर पुलिस जांच पर टिकी है। एक ओर विधायक पुत्र के साथ मारपीट का मामला है, तो दूसरी ओर थाने में पिटाई और पुलिस द्वारा कथित थर्ड डिग्री देने के आरोप हैं। यदि इन आरोपों की पुष्टि होती है, तो यह मामला केवल आपराधिक घटना नहीं बल्कि पुलिस कार्यप्रणाली और वीआईपी सुरक्षा व्यवस्था पर भी गंभीर सवाल खड़े कर सकता है।

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