Edited By Himansh sharma, Updated: 04 Mar, 2026 01:49 PM

छत्तीसगढ़ की दो राज्यसभा सीटों पर चुनाव को लेकर सियासी हलचल तेज हो गई है।
रायपुर। छत्तीसगढ़ की दो राज्यसभा सीटों पर चुनाव को लेकर सियासी हलचल तेज हो गई है। भाजपा ने अपनी ओर से लक्ष्मी वर्मा को उम्मीदवार बनाकर तस्वीर लगभग साफ कर दी है, लेकिन अब सबकी निगाहें कांग्रेस के फैसले पर टिकी हैं। नामांकन की आखिरी तारीख 5 मार्च है, ऐसे में माना जा रहा है कि कांग्रेस होली के आसपास या अंतिम दिन अपने प्रत्याशी का ऐलान कर सकती है।
स्थानीय बनाम बाहरी चेहरा, कांग्रेस की रणनीति क्या?
राजनीतिक गलियारों में चर्चा है कि कांग्रेस के पास छत्तीसगढ़ से एक सीट सुनिश्चित है। ऐसे में पार्टी स्थानीय चेहरे को प्राथमिकता देती है या किसी बाहरी दिग्गज पर दांव लगाती है, यह बड़ा सवाल बन गया है।
संभावित नामों में मध्य प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री दिग्विजय सिंह और सुप्रीम कोर्ट के वरिष्ठ वकील अभिषेक मनु सिंघवी का नाम चर्चा में है। वहीं स्थानीय दावेदारों में पूर्व डिप्टी सीएम टीएस सिंहदेव, पीसीसी चीफ दीपक बैज और वरिष्ठ नेता मोहन मरकाम की दावेदारी भी मजबूत मानी जा रही है।
निर्विरोध चुनाव की संभावना
दिलचस्प बात यह है कि भाजपा ने फिलहाल एक ही उम्मीदवार उतारा है और एक सीट कांग्रेस को मिलना लगभग तय है। ऐसे में राज्यसभा चुनाव में मतदान की नौबत नहीं आने की संभावना जताई जा रही है। अगर दोनों दल एक-एक प्रत्याशी पर सहमति से मैदान में रहते हैं, तो उम्मीदवार निर्विरोध चुने जा सकते हैं।
भाजपा उम्मीदवार लक्ष्मी वर्मा बुधवार को नामांकन दाखिल करेंगी। अब देखना यह होगा कि कांग्रेस किस चेहरे पर भरोसा जताती है और क्या वह स्थानीय संतुलन साधती है या राष्ट्रीय स्तर के किसी बड़े नेता को राज्यसभा भेजकर सियासी संदेश देती है।
छत्तीसगढ़ की राजनीति में इस फैसले का असर दूरगामी हो सकता है — इसलिए सबकी नजरें अब कांग्रेस हाईकमान पर टिकी हैं।