Edited By Himansh sharma, Updated: 31 Jul, 2026 01:04 PM

मध्य प्रदेश के दतिया विधानसभा उपचुनाव का मतदान शांतिपूर्ण ढंग से संपन्न होने के बाद अब राजनीतिक हलचल स्ट्रांग रूम के बाहर पहुंच गई है।
दतिया। मध्य प्रदेश के दतिया विधानसभा उपचुनाव का मतदान शांतिपूर्ण ढंग से संपन्न होने के बाद अब राजनीतिक हलचल स्ट्रांग रूम के बाहर पहुंच गई है। 30 जुलाई को मतदान खत्म होते ही सभी 291 मतदान केंद्रों से ईवीएम और वीवीपैट मशीनों को कड़ी सुरक्षा व्यवस्था के बीच शासकीय पॉलिटेक्निक कॉलेज परिसर स्थित स्ट्रांग रूम में सुरक्षित रखा गया। अब 21 प्रत्याशियों की राजनीतिक किस्मत इन मशीनों में बंद है और पूरे जिले की नजर 3 अगस्त को होने वाली मतगणना पर टिकी हुई है।
चुनाव आयोग ने स्ट्रांग रूम की सुरक्षा के लिए तीन स्तरीय सुरक्षा व्यवस्था लागू की है। परिसर के भीतर और बाहर सुरक्षा बलों की तैनाती की गई है, जबकि स्ट्रांग रूम की 24 घंटे सीसीटीवी कैमरों से निगरानी की जा रही है। खास बात यह है कि कैमरों की लाइव फीड स्ट्रांग रूम के बाहर भी उपलब्ध कराई गई है, ताकि मान्यता प्राप्त राजनीतिक दलों के प्रतिनिधि हर गतिविधि पर नजर रख सकें और पारदर्शिता बनी रहे।
हालांकि सुरक्षा के इन व्यापक इंतजामों के बावजूद कांग्रेस ने किसी भी तरह की आशंका से बचने के लिए स्ट्रांग रूम के बाहर अपना स्थायी निगरानी शिविर स्थापित कर दिया है। पार्टी ने कार्यकर्ताओं और नेताओं की तीन अलग-अलग शिफ्टों में ड्यूटी लगाई है, जो दिन-रात परिसर के बाहर मौजूद रहकर हर गतिविधि पर नजर बनाए हुए हैं। कांग्रेस नेताओं का कहना है कि लोकतंत्र में जनादेश की सुरक्षा सर्वोच्च प्राथमिकता है, इसलिए मतगणना तक सतर्क रहना जरूरी है।
दतिया विधानसभा क्षेत्र में इस बार मतदान को लेकर मतदाताओं में अच्छा उत्साह देखने को मिला। कुल 2 लाख 20 हजार 410 मतदाताओं में से 71.44 प्रतिशत लोगों ने अपने मताधिकार का उपयोग किया। अब चुनावी शोर थम चुका है, लेकिन राजनीतिक गलियारों में जीत-हार के समीकरणों को लेकर चर्चाएं तेज हैं।
अब सबकी निगाहें 3 अगस्त पर टिकी हैं, जब स्ट्रांग रूम के ताले खुलेंगे, ईवीएम में कैद जनादेश सामने आएगा और यह तय होगा कि दतिया विधानसभा की जनता ने 21 उम्मीदवारों में से किस पर अपना भरोसा जताया है। मतगणना के साथ ही कई दिग्गजों की राजनीतिक परीक्षा का परिणाम भी सामने आ जाएगा।