भक्तों ने धूमधाम से मनाया धूनीवाले दादाजी केशवानंद महाराज का जन्मोत्सव, हरिहर की जयकारों से गूंजा दरबार

Edited By meena, Updated: 05 Dec, 2022 08:00 PM

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नर्मदा के उत्तर तट स्थित दादा दरबार के संत श्री श्री 1008 रामेश्वर दयाल अर्थात छोटे सरकार के सानिध्य में आठ दिवसीय धूनीवाले दादाजी केशवानंद महाराज का 92 वां जन्मोत्सव सोमवार को धूमधाम से

खरगोन/बड़वाह(वाजिद खान): नर्मदा के उत्तर तट स्थित दादा दरबार के संत श्री श्री 1008 रामेश्वर दयाल अर्थात छोटे सरकार के सानिध्य में आठ दिवसीय धूनीवाले दादाजी केशवानंद महाराज का 92 वां जन्मोत्सव सोमवार को धूमधाम से मनाया गया। इस अवसर पर राजस्थान, दिल्ली, हरियाणा, महाराष्ट्र समेत अनेक प्रांतों से भक्त पिछले एक सप्ताह पूर्व ही यहां पहुंच चुके थे। सुबह से लाइन में लगाकर उनके आगमन की प्रतीक्षा कर रहे थे। छोटे सरकार अपने भक्तों के बीच पहुंचे तो पूरा परिसर दादाजी की जय और हरिहर जी की जय से गूंज उठा।

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बड़े दादाजी की चरण पादुकाओं का पूजन हुआ

ट्रस्टी संचालक राधाकिशन बिट्टू बबुटा प्रणय गावशिंदे ने बताया कि जन्मोत्सव में शामिल होने के लिए सुबह से ही भक्त दादाजी धाम स्थित मंदिर पहुंच गए थे। कुछ भक्तों ने पिछले कुछ दिनों से ही दादाजी धाम पहुंच कर आठ दिवसीय ब्रह्म वैवर्त पुराण कथा का लाभ लिया। जन्मोत्सव पर सुबह श्री छोटे सरकार ने मंदिर पहुंचकर श्रीश्री 1008 बड़े दादाजी की चरण पादुकाओं का दर्शन लिया। इसके बाद 101 पंडितों ने रूद्र अभिषेक और बड़े दादाजी की चरण पादुकाओं का पूजन हुआ।

महाआरती पश्चात भंडारा प्रसादी का आयोजन हुआ

वैदिक मंत्रोच्चार के बीच छोटे सरकार ने खुद अपने हाथों से दादाजी की पादुकाओं का पूजन कर दुग्धाभिषेक किया।करीब एक घंटे से भी अधिक समय तक चली इस पूजा के दौरान सभी भक्तगण मंदिर परिसर के बाहर खड़े होकर गुरु-शिष्य पूजन के साक्षी बन रहे थे। पूजन की समाप्ति के बाद छोटे सरकार अपने भक्तों के बीच पहुंचकर अपने आसन पर विराजित हुए। सुबह से दर्शन की आस लगा कर बैठे भक्तों ने छोटे सरकार का आशीर्वाद प्राप्त किया। यह सिलसिला देर शाम तक चलता रहा। अब शाम करीब 8 बजे महाआरती की गई। उसके बाद भंडारा प्रसादी का आयोजन किया गया।

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खूब थिरके भक्त

दादाजी धाम में अन्य क्षेत्रों से आए भक्त दादाजी के भजन बजाकर खूब थिरक रहे थे। दादाजी तुम्हारे प्यार ने हमें जीना सिखा दिया। चरणों में आपके में आ गईए झूठी है दुनिया किस काम कीए पूजा भी नहीं आती मैं आपको कैसे मनाऊए भजलो दादा जी नामए भजलो हरिहर जी का नाम और अन्य भजनों पर श्रद्धालु थिरक रहे थे।

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