Edited By Himansh sharma, Updated: 12 Sep, 2026 02:51 PM

मध्य प्रदेश के सागर जिले के बंडा में जहरीली शराब से हुई मौतों के बाद राजनीतिक बयानबाजी तेज हो गई है।
भोपाल। मध्य प्रदेश के सागर जिले के बंडा में जहरीली शराब से हुई मौतों के बाद राजनीतिक बयानबाजी तेज हो गई है। कांग्रेस के वरिष्ठ नेता और पूर्व मुख्यमंत्री दिग्विजय सिंह ने इस पूरे मामले को लेकर सरकार और प्रशासन की कार्यप्रणाली पर सवाल उठाते हुए अवैध शराब के कारोबार के पीछे बड़े नेटवर्क की आशंका जताई है।
बंडा जाने से पहले छतरपुर पहुंचे दिग्विजय सिंह ने मीडिया से बातचीत में कहा कि जहरीली शराब से हुई मौतों को महज एक स्थानीय घटना मानकर जांच सीमित नहीं की जानी चाहिए। उनके मुताबिक, इस घटना के पीछे अवैध शराब के कारोबार से जुड़ी पूरी श्रृंखला की पड़ताल जरूरी है।
राजनीतिक संरक्षण के बिना संभव नहीं अवैध कारोबार?
दिग्विजय सिंह ने आरोप लगाया कि बड़े स्तर पर चलने वाला अवैध शराब कारोबार केवल स्थानीय स्तर पर कुछ लोगों के भरोसे नहीं चल सकता। उन्होंने दावा किया कि ऐसे नेटवर्क को किसी न किसी स्तर पर राजनीतिक, पुलिस या प्रशासनिक संरक्षण मिलने की आशंका की जांच की जानी चाहिए।
पूर्व मुख्यमंत्री ने कहा कि जांच का दायरा केवल शराब बेचने या बनाने वाले लोगों तक सीमित रहने के बजाय उन लोगों तक भी पहुंचना चाहिए, जो कथित तौर पर इस पूरे नेटवर्क को संरक्षण या मदद दे रहे हैं। उन्होंने मामले की निष्पक्ष और विस्तृत जांच की मांग की।
सागर एसपी को लेकर भी उठाए सवाल
दिग्विजय सिंह ने सागर के मौजूदा पुलिस अधीक्षक की कार्यप्रणाली पर भी सवाल खड़े किए। उन्होंने मुरैना में जहरीली शराब से हुई पिछली घटनाओं का जिक्र करते हुए कहा कि वहां की घटना के दौरान जिम्मेदारी संभाल चुके अधिकारी की सागर में तैनाती के बाद अब यहां भी इसी तरह की गंभीर घटना सामने आई है।
उन्होंने मांग की कि अधिकारियों की भूमिका और उनके पूर्व कार्यकाल से जुड़े रिकॉर्ड को भी जांच के दायरे में रखा जाए। उनका कहना था कि जांच से यह स्पष्ट होना चाहिए कि अवैध शराब का नेटवर्क किस स्तर तक फैला हुआ है और इसके पीछे कौन लोग सक्रिय हैं।