Edited By meena, Updated: 27 Jul, 2026 03:01 PM

छतरपुर जिले के कैंडी गांव स्थित अजयपार धाम में चढ़ावे की राशि को लेकर विवाद सामने आया है। धाम की दानपेटी से 25....
छतरपुर (राजेश चौरसिया) : छतरपुर जिले के कैंडी गांव स्थित अजयपार धाम में चढ़ावे की राशि को लेकर विवाद सामने आया है। धाम की दानपेटी से ₹25 हजार गायब होने के आरोप के बाद दरबार में हुई बहस का एक वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा है। वीडियो में चढ़ावे के पैसों को लेकर मौजूद लोगों के बीच तीखी नोकझोंक होती दिखाई दे रही है। हालांकि, पंजाब केसरी इस वीडियो की स्वतंत्र रूप से पुष्टि नहीं करता।
विवाद के बाद अजयपार धाम के संचालक करन कुशवाहा उर्फ भगत जी सामने आए और पूरे मामले पर अपनी सफाई दी। उन्होंने कहा कि दानपेटी से निकाली गई राशि का दुरुपयोग नहीं किया गया। उनके मुताबिक, वे साधना के लिए गए थे, जिसमें करीब ₹15 हजार पेट्रोल और अन्य यात्रा संबंधी खर्च में खर्च हुए। शेष ₹10 हजार उनके साथ मौजूद सेवादारों की व्यवस्था और अन्य आवश्यक खर्चों में लगाए गए।
वायरल वीडियो को लेकर पूछे गए सवाल पर भगत जी ने पहले इसे लोगों द्वारा फैलाई जा रही भ्रामक बातें बताया। हालांकि बाद में उन्होंने कहा कि वीडियो और उसमें दिखाई गई बातचीत सही है, लेकिन उसके संदर्भ को गलत तरीके से प्रस्तुत किया जा रहा है। उनका कहना था कि पूरे मामले को बिना तथ्य जाने विवाद का रूप दिया गया है।
मीडिया से बातचीत के दौरान जब दानपेटी की राशि, उसके रखरखाव और हिसाब-किताब को लेकर लगातार सवाल पूछे गए तो बीच में ही मीडिया कर्मियों को बाहर जाने के लिए कह दिया गया। इसके बाद बातचीत आगे नहीं हो सकी।
बता दें कि कैंडी गांव स्थित अजयपार धाम में करन कुशवाहा उर्फ भगत जी नियमित रूप से दरबार लगाते हैं। वे गंभीर बीमारियों और अन्य समस्याओं के समाधान का दावा करते हैं। उनका दरबार बागेश्वर धाम की तर्ज पर संचालित होने की वजह से क्षेत्र में काफी चर्चा में रहता है और बड़ी संख्या में श्रद्धालु यहां पहुंचते हैं।
फिलहाल दानपेटी की राशि को लेकर सामने आए इस विवाद और वायरल वीडियो ने धाम की व्यवस्थाओं को लेकर कई सवाल खड़े कर दिए हैं। वहीं, मामले में भगत जी अपनी सफाई दे चुके हैं। यदि इस संबंध में कोई आधिकारिक जांच या प्रशासनिक कार्रवाई होती है तो उसके बाद ही पूरे मामले की वास्तविक स्थिति स्पष्ट हो सकेगी।