Edited By Desh sharma, Updated: 10 Jan, 2026 06:19 PM

मध्य प्रदेश में आगर मालवा ड्रग्स तस्करी का नया हब बनता जा रहा है । आगरा मालवा में नशे के कारोबार ने जिस खतरनाक स्तर को छू लिया है, उसका खुलासा शनिवार को केंद्रीय नारकोटिक्स कंट्रोल ब्यूरो (NCB) की बड़ी कार्रवाई में हुआ।
आगर मालवा (सय्यद जाफर हुसैन): मध्य प्रदेश में आगर मालवा ड्रग्स तस्करी का नया हब बनता जा रहा है । आगरा मालवा में नशे के कारोबार ने जिस खतरनाक स्तर को छू लिया है, उसका खुलासा शनिवार को केंद्रीय नारकोटिक्स कंट्रोल ब्यूरो (NCB) की बड़ी कार्रवाई में हुआ।
जिले में अवैध मादक पदार्थों के खिलाफ अब तक की सबसे बड़ी कार्रवाई
आमला क्षेत्र स्थित तीर्थ नर्सरी की आड़ में चल रही एमडी ड्रग्स की अवैध फैक्ट्री पर नारकोटिक्स ने सुबह करीब 4 बजे दबिश दे दी। टीम ने 10 करोड़ रुपये से अधिक मूल्य की करीब 31 किलो 250 ग्राम एमडी ड्रग्स जब्त की है। इतने बडे स्तर पर नशे की बरामगी से हड़कंप है। यह कार्रवाई जिले में अवैध मादक पदार्थों के खिलाफ अब तक की सबसे बड़ी कार्रवाई मानी जा रही है।
नारकोटिक्स उज्जैन क्षेत्र के अधीक्षक मुकेश खत्री एवं नीमच व जावरा प्रभारी वी.एस. कुमार ने बताया कि विभाग को मुखबिर से पुख्ता सूचना मिली थी कि आमला क्षेत्र में एमडी ड्रग्स की बड़ी खेप लेने कोई तस्कर पहुंचने वाला है। इसी आधार पर नारकोटिक्स की विशेष टीम ने तड़के से ही तीर्थ नर्सरी की चारों ओर से घेराबंदी कर दी। कई घंटों तक इंतजार के बावजूद जब कोई संदिग्ध मौके पर नहीं पहुंचा, तो टीम ने नर्सरी परिसर के भीतर छापा मारने की कार्रवाई की।
नर्सरी परिसर के भीतर ही एमडी ड्रग्स बनाने की पूरी गुप्त लैब
छापे के दौरान जो सामने आया, उसने अधिकारियों को भी चौंका दिया। नर्सरी परिसर के भीतर एमडी ड्रग्स बनाने की पूरी गुप्त लैब संचालित हो रही थी। मौके से भारी मात्रा में तैयार एमडी ड्रग्स के साथ-साथ करीब 600 किलो खतरनाक केमिकल भी बरामद किए गए। जब्त रसायनों में MDC, MMA, सोडियम कार्बोनेट, ट्रायथाइलामाइन, सोडियम एस सहित अन्य रसायन शामिल हैं, जिनका इस्तेमाल एमडी ड्रग्स निर्माण में किया जाता है।
ड्रग्स की अंतरराष्ट्रीय बाजार में कीमत करोड़ों रुपये
इसके अलावा ड्रग्स बनाने में प्रयुक्त मशीनें, उपकरण और अन्य तकनीकी सामग्री भी जब्त की गई है। नारकोटिक्स टीम ने मौके पर ही अवैध लैब को नष्ट कर दिया, ताकि भविष्य में यहां दोबारा ड्रग्स निर्माण न हो सके। अधिकारियों के अनुसार जब्त एमडी ड्रग्स की अंतरराष्ट्रीय बाजार में कीमत 50 करोड़ रुपये से अधिक आंकी जा रही है।
फिलहाल इस मामले में किसी की गिरफ्तारी नहीं हुई है, लेकिन नारकोटिक्स विभाग का कहना है कि जांच के दौरान कुछ संदिग्ध लोगों की संलिप्तता के अहम साक्ष्य मिले हैं। ड्रग्स के नेटवर्क, सप्लाई चेन और इसके पीछे सक्रिय माफिया की पहचान की जा रही है। अधिकारियों ने संकेत दिए हैं कि जल्द ही बड़ी गिरफ्तारियां हो सकती हैं।
स्थानीय पुलिस को ड्र्ग्स कारोबार की भनक तक नहीं
यह मामला इसलिए भी गंभीर है क्योंकि जिले में इतने बड़े पैमाने पर ड्रग्स का कारोबार चल रहा था और स्थानीय पुलिस को इसकी भनक तक नहीं लगी। करोड़ों रुपये की ड्रग्स फैक्ट्री का नर्सरी की आड़ में संचालन होना, जिले की कानून-व्यवस्था और निगरानी तंत्र पर बड़ा सवाल खड़ा करता है। जानकारों का मानना है कि आगर मालवा जिला अब धीरे-धीरे ड्रग्स तस्करी के नए हब के रूप में उभरता जा रहा है। नारकोटिक्स की इस कार्रवाई के दौरान बड़ी संख्या में विभागीय अधिकारी मौके पर मौजूद रहे। नारकोटिक्स विभाग की इस बडी कार्रवाई से जहां ड्रग्स माफिया में हड़कंप मचा है, वहीं अब सबकी नजरें इस बात पर टिकी हैं कि इस पूरे नेटवर्क के पीछे कौन-कौन से चेहरे हैं ।