Edited By Vikas Tiwari, Updated: 17 Feb, 2026 05:18 PM

मध्य प्रदेश में फरवरी के दूसरे पखवाड़े में मौसम का मिजाज एक बार फिर बदलने जा रहा है। मार्च जैसी गर्मी के बीच अब पश्चिमी विक्षोभ के असर से कई जिलों में बारिश, तेज हवा और गरज-चमक की संभावना जताई गई है। मौसम विभाग के अनुसार 18 और 19 फरवरी को प्रदेश के...
भोपाल: मध्य प्रदेश में फरवरी के दूसरे पखवाड़े में मौसम का मिजाज एक बार फिर बदलने जा रहा है। मार्च जैसी गर्मी के बीच अब पश्चिमी विक्षोभ के असर से कई जिलों में बारिश, तेज हवा और गरज-चमक की संभावना जताई गई है। मौसम विभाग के अनुसार 18 और 19 फरवरी को प्रदेश के करीब 21 से अधिक जिलों में मौसम अस्थिर रह सकता है।
मौसम विभाग के मुताबिक छतरपुर, टीकमगढ़, निवाड़ी, दतिया, भिंड, ग्वालियर, मुरैना, श्योपुर, शिवपुरी, अशोकनगर, गुना, राजगढ़, शाजापुर, आगरमालवा, उज्जैन, इंदौर, नीमच, मंदसौर, रतलाम, झाबुआ, धार और अलीराजपुर जिलों में कहीं-कहीं हल्की बारिश, तेज हवाएं और बिजली चमकने की संभावना है। इन इलाकों में दो दिन बादलों का डेरा रह सकता है।
हालांकि भोपाल और इंदौर सहित प्रदेश के प्रमुख शहरों में अधिकतम तापमान सामान्य से अधिक रहने का अनुमान है। यहां दिन का तापमान 30 से 32 डिग्री सेल्सियस के आसपास और न्यूनतम तापमान 14 डिग्री सेल्सियस के करीब रह सकता है। इन शहरों के लिए फिलहाल कोई अलर्ट जारी नहीं किया गया है। इधर प्रदेश में न्यूनतम तापमान वाले शहरों में कटनी जिले का करौंदी केंद्र 8 डिग्री सेल्सियस के साथ सबसे ठंडा रहा, जबकि खरगोन 34.2 डिग्री सेल्सियस के साथ सबसे अधिकतम तापमान वाला शहर दर्ज किया गया।
विशेषज्ञों का कहना है कि तापमान में अचानक उछाल और शुष्क हवाओं के कारण रबी की फसलों, खासकर गेहूं और चना में नमी की कमी हो सकती है। किसानों को फसल की निगरानी करने और जरूरत के अनुसार हल्की सिंचाई करने की सलाह दी गई है, ताकि उत्पादन प्रभावित न हो।