Edited By Vikas Tiwari, Updated: 17 Feb, 2026 06:50 PM

मध्य प्रदेश विधानसभा में मंगलवार को सरकार ने 19,287 करोड़ रुपए का तीसरा अनुपूरक बजट पेश किया। यह बजट 16 फरवरी से शुरू हुए MP Budget Session 2026 के दूसरे दिन सदन में रखा गया। सरकार ने इसे चालू वित्तीय वर्ष की आवश्यकताओं, लंबित परियोजनाओं को गति देने...
भोपाल: मध्य प्रदेश विधानसभा में मंगलवार को सरकार ने 19,287 करोड़ रुपए का तीसरा अनुपूरक बजट पेश किया। यह बजट 16 फरवरी से शुरू हुए MP Budget Session 2026 के दूसरे दिन सदन में रखा गया। सरकार ने इसे चालू वित्तीय वर्ष की आवश्यकताओं, लंबित परियोजनाओं को गति देने और वित्तीय संतुलन बनाए रखने के लिए जरूरी बताया है। अनुपूरक बजट में राजस्व मद में 8,934 करोड़ रुपए और पूंजीगत मद में 10,353 करोड़ रुपए का प्रावधान किया गया है।
नर्मदा घाटी विकास विभाग को सबसे बड़ा हिस्सा
इस बजट में सबसे बड़ा आवंटन 4,700 करोड़ रुपए का नर्मदा घाटी विकास विभाग को दिया गया है। यह राशि मुख्य रूप से सिंचाई परियोजनाओं को आगे बढ़ाने और लंबित कार्यों को पूरा करने पर खर्च की जाएगी। सरकार का दावा है कि इससे कृषि क्षेत्र को सीधा लाभ मिलेगा और प्रदेश की सिंचाई क्षमता में वृद्धि होगी।
ऊर्जा कंपनियों के लिए 2,630 करोड़
ऊर्जा विभाग की कंपनियों को अल्पकालीन ऋण उपलब्ध कराने के लिए 2,630 करोड़ रुपए का प्रावधान किया गया है। यह राशि विद्युत वितरण और उत्पादन से जुड़ी वित्तीय जरूरतों को पूरा करने में सहायक होगी। इसके अलावा स्थानीय निकायों को अनुदान के लिए 1,569 करोड़ रुपए रखे गए हैं, जिससे नगरीय और ग्रामीण विकास कार्यों को गति मिलने की उम्मीद है।
कर्ज के ब्याज के लिए 1,650 करोड़
सरकार ने पूर्व में लिए गए कर्ज के ब्याज भुगतान के लिए 1,650 करोड़ रुपए का प्रावधान किया है। इससे स्पष्ट है कि बजट का बड़ा हिस्सा वित्तीय दायित्वों के निर्वहन पर भी केंद्रित है।
विपक्ष का विरोध और हंगामा
अनुपूरक बजट के आकार और प्राथमिकताओं को लेकर विपक्ष ने सवाल उठाए। वहीं सरकार ने इसे विकास और वित्तीय संतुलन की दिशा में आवश्यक कदम बताया। सत्र शुरू होने से पहले सदन परिसर में विपक्ष ने इंदौर के भागीरथपुरा में दूषित पानी से हुई 35 मौतों के मुद्दे पर जोरदार प्रदर्शन किया। इस मुद्दे को लेकर सदन में भी तीखी बहस की संभावना जताई जा रही है।