Edited By Himansh sharma, Updated: 05 Jan, 2026 12:37 PM

देशभर के सरकारी कर्मचारियों, अधिकारियों और पेंशनर्स के बीच इन दिनों 8वें वेतन आयोग (8th Pay Commission) को लेकर चर्चा चरम पर है।
भोपाल। देशभर के सरकारी कर्मचारियों, अधिकारियों और पेंशनर्स के बीच इन दिनों 8वें वेतन आयोग (8th Pay Commission) को लेकर चर्चा चरम पर है। केंद्र सरकार ने इसकी प्रक्रिया की शुरुआत पहले ही कर दी है, वहीं राज्यों में भी हलचल तेज हो गई है।
नए साल पर असम के मुख्यमंत्री हिमंत बिस्वा सरमा ने बड़ा ऐलान करते हुए 8वें राज्य वेतन आयोग के गठन की घोषणा कर दी। इसके साथ ही असम यह फैसला लेने वाला देश का पहला राज्य बन गया। इस ऐलान के बाद अब मध्यप्रदेश समेत अन्य राज्यों में भी उम्मीदें बढ़ गई हैं।
एमपी में तेज हुई हलचल, कर्मचारी संघ सक्रिय
असम की पहल के बाद मध्यप्रदेश में भी 8वें वेतन आयोग को लेकर कवायद तेज हो गई है। राज्य कर्मचारी संघ ने इसे लेकर रणनीति बनानी शुरू कर दी है। कर्मचारियों को होने वाले संभावित लाभ का पूरा हिसाब-किताब तैयार करने की तैयारी चल रही है।
राज्य कर्मचारी संघ के महामंत्री जितेंद्र सिंह, राष्ट्रीय कार्यकारिणी सदस्य संजय अवस्थी और प्रवक्ता अनिल भार्गव ने बताया कि जल्द ही इस विषय पर विशेष बैठक बुलाई जाएगी।
कितना बढ़ेगा वेतन? विशेषज्ञ करेंगे गणना
कर्मचारी संघ के मुताबिक -
6वें और 7वें वेतनमान का तुलनात्मक अध्ययन किया जाएगा
सभी संवर्ग, श्रेणी, वेतनमान और ग्रेड पे के आधार पर आकलन होगा
वित्त विशेषज्ञों से चर्चा कर संभावित लाभ का खाका तैयार किया जाएगा
इसके बाद निष्कर्षों के आधार पर राज्य सरकार को ज्ञापन सौंपा जाएगा। संघ का प्रतिनिधिमंडल मुख्यमंत्री कार्यालय, सामान्य प्रशासन विभाग और वित्त विभाग के अधिकारियों से भी मुलाकात करेगा।
केंद्र सरकार का बड़ा कदम
गौरतलब है कि केंद्र सरकार ने 3 नवंबर 2025 को 8वें केंद्रीय वेतन आयोग का गठन किया है।
इस आयोग की अध्यक्षता सेवानिवृत्त न्यायमूर्ति रंजना देसाई कर रही हैं।
केंद्र सरकार ने आयोग को 18 महीने में रिपोर्ट सौंपने का समय दिया है।
अब सवाल यही—कब मिलेगा फायदा?
असम की पहल के बाद उम्मीद की जा रही है कि अन्य राज्य भी जल्द बड़ा फैसला ले सकते हैं। अगर मध्यप्रदेश में भी 8वां वेतन आयोग लागू होता है, तो लाखों कर्मचारियों और पेंशनर्स को वेतन और पेंशन में बड़ा फायदा मिल सकता है।
नजरें अब सरकार के अगले कदम पर टिकी हैं…