Edited By Himansh sharma, Updated: 09 Feb, 2026 07:22 PM

देशभर के सरकारी अधिकारियों और कर्मचारियों को 8वें वेतन आयोग का बेसब्री से इंतजार है।
इंदौर: देशभर के सरकारी अधिकारियों और कर्मचारियों को 8वें वेतन आयोग का बेसब्री से इंतजार है। वेतन में कितनी बढ़ोतरी होगी, सैलरी कितनी बढ़ेगी—इसी जिज्ञासा का फायदा अब साइबर ठग उठाने लगे हैं। मध्यप्रदेश में 8वें वेतन आयोग के नाम पर साइबर फ्रॉड का नया तरीका सामने आया है, जिसे लेकर एमपी पुलिस ने सख्त एडवाइजरी जारी की है। इंदौर क्राइम ब्रांच के अनुसार, साइबर ठग सरकारी कर्मचारियों और अधिकारियों को APK फाइल के जरिए मैसेज भेज रहे हैं, जिसमें दावा किया जा रहा है कि फाइल डाउनलोड करते ही 8वें वेतन आयोग के तहत नई सैलरी की पूरी जानकारी मिल जाएगी। लेकिन हकीकत में यह खतरनाक साइबर जाल है।
APK डाउनलोड करते ही खाली हो सकता है बैंक अकाउंट
क्राइम ब्रांच ने चेतावनी दी है कि जैसे ही कोई कर्मचारी या अधिकारी इस APK फाइल को डाउनलोड करता है, उसके मोबाइल का कंट्रोल साइबर ठगों के हाथ में चला जाता है। इसके बाद बैंक अकाउंट से पैसे उड़ाए जा सकते हैं।
इंदौर के एडिशनल डीसीपी राजेश दंडोतिया ने स्पष्ट रूप से कहा—
8वें वेतन आयोग में आपकी सैलरी कितनी होगी, इस नाम पर APK फाइल भेजी जा रही है। इसे डाउनलोड करते ही बैंक अकाउंट खाली हो सकता है। सभी कर्मचारी और अधिकारी सतर्क रहें।
प्रदेशभर में आ रहे हैं फर्जी मैसेज
पुलिस के अनुसार, यह ठगी केवल इंदौर तक सीमित नहीं है, बल्कि मध्यप्रदेश के कई जिलों में सरकारी अमले को ऐसे फर्जी मैसेज मिल रहे हैं। इसी को देखते हुए क्राइम ब्रांच को विशेष एडवाइजरी जारी करनी पड़ी।
पुलिस की साफ अपील
किसी भी हाल में APK फाइल डाउनलोड न करें ,अनजान लिंक या मैसेज पर क्लिक न करें ,वेतन आयोग से जुड़ी जानकारी केवल सरकारी वेबसाइट और आधिकारिक आदेशों से ही प्राप्त करें, संदिग्ध मैसेज मिलने पर तुरंत पुलिस या साइबर सेल को सूचना दें.. 8वें वेतन आयोग को लेकर जहां एक ओर कर्मचारी उत्साहित हैं, वहीं दूसरी ओर साइबर ठग इस मौके को ठगी में बदलने की कोशिश कर रहे हैं। ऐसे में सतर्कता ही सबसे बड़ा बचाव है। याद रखें—सरकार कभी भी APK फाइल के जरिए सैलरी की जानकारी नहीं देती।