Edited By Himansh sharma, Updated: 11 Feb, 2026 12:52 PM

छत्तीसगढ़ के पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने एक बड़ा और सनसनीखेज दावा किया है।
रायपुर: छत्तीसगढ़ के पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने एक बड़ा और सनसनीखेज दावा किया है। सीनियर एडवोकेट और राज्यसभा सांसद कपिल सिब्बल के पॉडकास्ट में बातचीत के दौरान बघेल ने कहा कि उन्हें भाजपा में शामिल होने का ऑफर दिया गया था। बघेल के मुताबिक, जब उन्होंने कोई “कमिटमेंट” नहीं दिया, तो उनके ठिकानों पर लगातार छापेमारी शुरू हो गई।
मदद” की बात, लेकिन शर्तें अनकही
पूर्व सीएम ने बताया कि मुलाकातों के दौरान उनसे पूछा जाता था कि उनके खिलाफ कौन-कौन से केस चल रहे हैं, कौन से अधिकारी भरोसेमंद हैं और किस तरह “मदद” की जा सकती है। इस पर उन्होंने स्पष्ट कहा कि वे विपक्ष में हैं और विपक्ष का धर्म सरकार की आलोचना करना होता है — और वे वही करेंगे। उन्होंने कहा कि मदद की बात सुनकर उन्हें हैरानी होती थी।
“8-10 दिन में फिर पड़ जाता था छापा
भूपेश बघेल का दावा है कि वे अपनी बात रखकर लौट आते थे, लेकिन करीब आठ-दस दिन के भीतर फिर से छापा पड़ जाता था। उन्होंने एक बार प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को फोन कर कहा कि आपने तो मदद की बात कही थी, लेकिन मेरे यहां तो छापा पड़ गया। इस पर प्रधानमंत्री ने कहा कि वे अधिकारियों से बात करेंगे।
भाजपा में आने का इशारा था
बघेल ने कहा कि शुरुआत में उन्हें समझ नहीं आया कि भाजपा में शामिल होने के लिए बुलाया जा रहा है। कभी सीधे तौर पर कुछ नहीं कहा गया, लेकिन बाद में उन्हें साफ हो गया कि वे कोई कमिटमेंट देकर नहीं लौटते थे, इसलिए हर चार-पांच दिन में उनके यहां कार्रवाई होती थी।
सियासत में बढ़ी हलचल
पूर्व मुख्यमंत्री के इस दावे के बाद राजनीतिक गलियारों में हलचल तेज हो गई है। अब सबकी निगाहें भाजपा की प्रतिक्रिया पर टिकी हैं।