Edited By Himansh sharma, Updated: 04 May, 2026 04:08 PM

देवगांव संगम में एक ऐसी हृदय विदारक घटना सामने आई, जिसने हर किसी की आंखें नम कर दीं।
मंडला। (अरविंद सोनी): देवगांव संगम में एक ऐसी हृदय विदारक घटना सामने आई, जिसने हर किसी की आंखें नम कर दीं। नर्मदा नदी के शांत बहते जल के बीच एक परिवार खुशी-खुशी स्नान करने पहुंचा था, लेकिन कुछ ही पलों में यह खुशी मातम में बदल गई। मोहगांव थाना क्षेत्र में पदस्थ आरक्षक शिव कुमार परस्ते अपने परिवार के साथ संगम पर स्नान कर रहे थे। इसी दौरान उनकी नन्ही बेटी अचानक गहरे पानी की ओर बढ़ गई और डूबने लगी। बेटी को संकट में देख पिता ने बिना एक पल गंवाए नदी में छलांग लगा दी।
शिव कुमार ने अपनी जान की परवाह किए बिना बेटी को सुरक्षित बाहर निकाल लिया, लेकिन खुद पानी की गहराई में फंस गए। पैर फिसलने के कारण वे गहरे पानी में चले गए और लहरों से जूझते हुए अपनी जान गंवा बैठे। पुलिस अधीक्षक के अनुसार, घटना की सूचना मिलते ही स्थानीय लोगों और पुलिस की मदद से काफी मशक्कत के बाद शव को बाहर निकाला गया। पोस्टमार्टम के बाद शव परिजनों को सौंपा जाएगा। विभागीय स्तर पर मिलने वाली बीमा एवं अन्य सहायता भी परिवार को प्रदान की जाएगी।
घटना के बाद पूरे इलाके में शोक की लहर है। ग्रामीणों की आंखों में आंसू और दिलों में उस पिता के लिए सम्मान है, जिसने अपनी बेटी की जिंदगी बचाने के लिए अपनी जान न्योछावर कर दी। आज एक पिता ने अपनी बेटी को नई जिंदगी दी, लेकिन अपने परिवार को ऐसा घाव दे गया, जो शायद कभी नहीं भर पाएगा। देवगांव संगम की यह घटना एक बार फिर चेतावनी देती है कि पानी की गहराई कभी-कभी जिंदगी की सबसे कठिन परीक्षा बन जाती है।