Edited By Desh Raj, Updated: 01 Jun, 2026 06:16 PM

पन्ना लाल शाक्य कोई नए विधायक नहीं है वो पुराने विधायक हैं, उन्हें संगठन की जानकारी और पहचान है, उन्होंने लोगों से जुड़े गंभीर मुद्दे को लेकर सही बात उठाई है। ये कहना है पूर्व विधायक ममता मीना का।
गुना (गौरव शर्मा): पन्ना लाल शाक्य कोई नए विधायक नहीं है वो पुराने विधायक हैं, उन्हें संगठन की जानकारी और पहचान है, उन्होंने लोगों से जुड़े गंभीर मुद्दे को लेकर सही बात उठाई है। ये कहना है पूर्व विधायक ममता मीना का। ममता मीना ने कहा कि वो समझदार हैं और उन्होंने जनता की आवाज को उठाया है। पन्ना लाल लोगों की भलाई के लिए काम करते हैं। एक सीनीयर विधायक की आवाज दबाना सही नहीं है। लाइट लोगों की जरुरत है और मैं गुना विधायक की वो पुरजोर समर्थन करती हैं क्योंकि उन्होंने बहुत ही अच्छा मुद्दा उठाया है।
भाजपा का प्रशिक्षण वर्ग भी नई और पुरानी भाजपा का मिलन नहीं करा सकता-मीना
ममता मीना ने कहा कि अभी कुछ दिन पहले ही भाजपा का प्रशिक्षण वर्ग हुआ था, लेकिन उन्हें लगता है कि नई और पुरानी भाजपा का प्रशिक्षण के बाद भी घुलना-मिलना मुश्किल हैं। जो पुराने लोग भाजपा के कार्यकर्ता है वो सीनियर नेताओं को सीट देते थे लेकिन अभी ऐसा कुछ नही देखा जा रहा है। यही स्थिति गुना और पूरे मध्य प्रदेश की है। एक विधायक ने जनता की आवाज उठाई है लेकिन फिर भी पार्टी विधायक पर ही कार्रवाई करने की बात कह रहे है।
पूर्व विधायक ममता मीना का मिला समर्थन
इस सियासी बवाल के बीच, आम आदमी पार्टी (AAP) की नेता और पूर्व विधायक ममता मीना खुलकर पन्नालाल शाक्य के समर्थन में उतर आई हैं। उन्होंने कहा कि पन्नालाल ने जनता के हित में सही आवाज उठाई है। भीषण गर्मी में रात 10 बजे से सुबह 2 बजे तक और मेंटेनेंस के नाम पर दिनभर बिजली काटी जा रही है। ऐसे में जनता की आवाज को सड़क पर उठाना बिल्कुल जायज है।
नई भाजपा बनाम पुरानी भाजपा' की बहस
ममता मीना का दावा है कि वर्तमान की 'महाराज' (ज्योतिरादित्य सिंधिया) वाली नई भाजपा में पुराने और समर्पित कार्यकर्ता भारी घुटन महसूस कर रहे हैं। उन्होंने तंज कसते हुए कहा कि जब एक सीनियर विधायक की बात अधिकारी नहीं सुन रहे और उन्हें मंच पर दबाया जा रहा है,तो औरों का क्या ही होगा। लिहाजा ये मामला लगातार तूल पकड़ता जा रहा है।
बिजली कटौती के मुद्दे पर विधायक पन्ना लाल ने अपने ही मंत्रियों पर साधा था निशाना
दरअसल गुना में बेतहाशा बिजली कटौती के मुद्दे पर अपनी ही सरकार के दो सिंधिया समर्थक मंत्रियों प्रद्युम्न सिंह तोमर और गोविंद सिंह राजपूत के खिलाफ मोर्चा खोल दिया है। उन्होंने दोनों को आड़े हाथों लेते हुए जमकर खरी-खोटी सुनाई थी।