पूर्व मंत्री का खुले मंच से धमाकेदार ऐलान! जब तक शरीर में खून की अंतिम बूंद है सिंधिया के प्रति समर्पित रहूंगा,चाहे कुछ बने न बने

Edited By Desh Raj, Updated: 02 Jul, 2026 05:27 PM

former minister pledges loyalty to scindia

मध्य प्रदेश में महाराज ज्योतिरादित्य सिंधिंया का अपना अलग मुकाम और स्थान है। इससे इंकार नहीं किया जा सकता लेकिन पिछले कुछ समय से महाराज के पक्ष और विपक्ष में कई तरह के बयान चर्चा में रहे हैं।

(गुना): मध्य प्रदेश में महाराज ज्योतिरादित्य सिंधिंया का अपना अलग मुकाम और स्थान है। इससे इंकार नहीं किया जा सकता लेकिन पिछले कुछ समय से महाराज के पक्ष और विपक्ष में कई तरह के बयान चर्चा में रहे हैं। ज्योतिरादित्य सिंधिया के तीन दिवसीय गुना प्रवास के दौरान राजनीति के कई रंग देखने को मिले। प्रवास के दौरान सिंधिया कई कार्यक्रमों में गए और कार्यकर्ताओं के घर का भी रुख किया।

हालांकि इस दौरान भाजपा की गुटबाजी भी खुलकर सामने आ गई। जहां  ज्योतिरादित्य सिंधिया के समर्थक खूब सक्रिय दिखाई दिए और उन्होंने  कार्यक्रमों को सफल बनाने के लिए भीड़ भी जुटाई। इस मौके पर पूर्व मंत्री ने ज्योतिरादित्य सिंधिया के प्रति अपनी वफादारी का भरे मंच से इजहार किया तो वहीं दूसरी ओर पुराने पार्टी नेताओं ने सिंधिया के कार्यक्रमों को ज्यादा महत्व न देकर अपने काम किए। बीजेपी विधायक पन्नालाल शाक्य तक ने कार्यक्रम से दूरी बनाए रखी।

पूर्व मंत्री महेंद्र सिंह सिसोदिया बोले- जीवन भर सिंधिया के प्रति समर्पित रहूंगा

महाराज के पुराने साथी और पूर्व मंत्री महेंद्र सिंह सिसोदिया ने सिंधिया के लिए वफादारी का खुला प्रदर्शन किया। उन्होंने भरे मंच से कहा कि सिंधिया के लिए जीवनभर समर्पित रहेंगे। सिंधिया समर्थक पूर्व मंत्री ने मंच से बड़ी बात बोली। सिसोदिया ने कहा कि जब तक शरीर में खून की अंतिम बूंद है, तब तक महाराज के प्रति समर्पित रहेंगे। आगे महेंद्र सिंह ने कहा कि चाहे राजनीति में कुछ मिले या न मिले, अपनी वफादारी निभाता रहूंगा। ये प्रतिबद्धता सिंधिया के  लिए कम नहीं है।

पन्ना लाल शाक्य का तल्ख रुख

ज्योतिरादित्य सिंधिया के कार्यक्रमों में बीजेपी के स्थानीय विधायक पन्नालाल शाक्य की भी दूरी रही। जब उनसे इसका कारण पूछा गया तो वो तल्ख लहजे से बोले, कि हर वक्त मीटिंगों में ही रहें तो घर-परिवार कैसे संभालेंगे! गौर करने वाली बात है कि सिंधिया के कांग्रेस छोड़कर बीजेपी में आ जाने के बाद से ही गुना-शिवपुरी संसदीय क्षेत्र में 'पुरानी भाजपा' और 'नई भाजपा' के बीच वर्चस्व की जंग चल रही है। गाहे बगाहे ये चीजें खुलकर सामने आ ही जाती है।  

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