Edited By meena, Updated: 16 Aug, 2026 02:23 PM

इंदौर के विधानसभा क्षेत्र क्रमांक-3 में आगामी विधानसभा चुनाव को लेकर राजनीतिक हलचल अभी से तेज होती दिखाई दे रही है। क्षेत्र में होने वाले धार्मिक आयोजनों के बहाने...
इंदौर (सचिन बहरानी) : इंदौर के विधानसभा क्षेत्र क्रमांक-3 में आगामी विधानसभा चुनाव को लेकर राजनीतिक हलचल अभी से तेज होती दिखाई दे रही है। क्षेत्र में होने वाले धार्मिक आयोजनों के बहाने भाजपा के भीतर उभरते नए शक्ति समीकरण अब चर्चा का विषय बनने लगे हैं।
इसी कड़ी में भोलेनाथ की प्रस्तावित यात्रा को लेकर लगे होर्डिंग, फ्लेक्स और बैनरों ने राजनीतिक गलियारों में नई चर्चा छेड़ दी है। इन प्रचार सामग्रियों में विधानसभा-3 के विधायक गोलू शुक्ला, क्षेत्रीय नगर अध्यक्ष भाजपा सुमित मिश्रा और क्षेत्रीय पार्षद मनीष मामा के नाम अथवा फोटो दिखाई नहीं देने की बात सामने आ रही है। वहीं, प्रदेश संगठन महामंत्री गौरव रणदिवे के समर्थक माने जाने वाले आशीष हार्डिया और सचिन बुढ़ाना की सक्रियता इस आयोजन में चर्चा का केंद्र बनी हुई है।
राजनीतिक जानकारों के बीच सवाल उठ रहा है कि क्या विधानसभा-3 में पुराने राजनीतिक समीकरण बदल रहे हैं और क्या रणदिवे समर्थक खेमा क्षेत्र में अपनी स्वतंत्र पकड़ मजबूत करने की कोशिश कर रहा है? दिलचस्प बात यह भी है कि जिन आशीष हार्डिया और सचिन बुढ़ाना को कभी विधायक गोलू शुक्ला और क्षेत्रीय पार्षद मनीष मामा के करीबी लोगों में गिना जाता था, उनकी मौजूदा राजनीतिक सक्रियता को लेकर अब अलग-अलग कयास लगाए जा रहे हैं। हालांकि, सचिन बुढ़ाना पर पूर्व में अवैध कालोनियां काटने के प्रकरण भी दर्ज हो चुके हैं व उसकी गिनती शहर के कुख्यात अवैध कॉलोनाइजर में होती है इन दोनों के गौरव रणदिवे के खेमे में औपचारिक रूप से जाने की कोई स्पष्ट सार्वजनिक घोषणा सामने नहीं आई है।ऐसे में भोलेनाथ यात्रा के प्रचार में स्थानीय भाजपा नेताओं की गैरमौजूदगी महज संयोग है या विधानसभा-3 में किसी नए राजनीतिक समीकरण की शुरुआत—यह आने वाले दिनों में स्पष्ट होगा।फिलहाल सवाल यही है—क्या विधानसभा-3 में सनातनी विधायक गोलू शुक्ला के प्रभाव क्षेत्र में सेंध की पटकथा लिखी जा रही है, या फिर यह सिर्फ एक धार्मिक आयोजन को लेकर बनी राजनीतिक चर्चा है? वही पार्षद एमआईसी सदस्य मनीष मामा ने कहा विषय यह नहीं है और मुझे इस प्रकार की कोई जानकारी नहीं है।