Edited By Vandana Khosla, Updated: 31 Aug, 2026 09:56 AM

भोपालः मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने 30 अगस्त को सुबह सतना जिले के चित्रकूट में अतिवृष्टि से प्रभावित इलाकों का जायजा लिया और लोगों से भेंट की। इसके बाद उन्होंने सतना के जिला प्रशासन को आवश्यक कार्यों के लिए स्पष्ट निर्देश दिए गए। मुख्यमंत्री डॉ....
भोपालः मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने 30 अगस्त को सुबह सतना जिले के चित्रकूट में अतिवृष्टि से प्रभावित इलाकों का जायजा लिया और लोगों से भेंट की। इसके बाद उन्होंने सतना के जिला प्रशासन को आवश्यक कार्यों के लिए स्पष्ट निर्देश दिए गए। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने ओरछा (जिला निवाड़ी) में हो रही संगठन की बैठक के दौरान भी दिन भर सतना जिला प्रशासन से राहत कार्यों के संबंध में जानकारी प्राप्त की।
मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने स्पष्ट निर्देश दिए हैं कि जनता को राहत पहुंचाने में कोई कमी नहीं रहना चाहिए। सतना कलेक्टर द्वारा जानकारी दी गई कि अतिवृष्टि की स्थिति को देखते हुए विद्यार्थियों की सुरक्षा का ध्यान रखते हुए जिले के सभी विद्यालयों में 31 अगस्त और 1 सितंबर को अवकाश घोषित किया गया है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव के निर्देशानुसार अतिवृष्टि के कारण प्रभावित नागरिकों की सहायता के लिए अधिकारियों को तीन दिन तक चित्रकूट में रहकर आवश्यक सहायता कार्यों को सुनिश्चित करने और क्षेत्र की निरंतर निगरानी के लिए कहा गया है। उन्होंने निर्देश दिए कि प्रभावितों को राजस्व पुस्तक परिपत्र 6/4 के प्रावधानों के अनुसार विभिन्न तरह की हानि के लिए निर्धारित सहायता राशि प्रदान करने का कार्य किया जाए।
मुख्यमंत्री डॉ. यादव के निर्देश
• सभी बाढ़ प्रभावित नागरिकों के लिए भोजन, वस्त्र, पेयजल, चिकित्सा सहित सभी आवश्यक व्यवस्थाएं तत्काल सुनिश्चित की जाएं।
• प्रभावित लोगों तक आवश्यक राहत सामग्री पहुंचाई जाए, रेस्यूत किए गए ग्रामीणों के लिए भी शुद्ध पेयजल और भोजन सुनिश्चित
किया जाए।
• बाढ़ से नुकसान के आकलन का कार्य समय पर हो।
• जिला प्रशासन के सभी संबंधित अधिकारी प्रभावित क्षेत्र का निरंतर दौरा एवं वहीं रात्रि विश्राम करें। एसबीआरएफ और एनडीआरएफ
का समुचित सहयोग प्राप्त किया जाए।
• सभी प्रभावितों को सूखा राशन एवं अन्य आवश्यक राहत सामग्री भी पहुंचाई जाए।
• प्रभावित परिवारों को प्रशासन के साथ ही अन्य आवश्यक सामग्री देने वाले स्वैच्छिक सहयोगियों से प्राप्त सामग्री भी उपलब्ध करवाई
जाए।
• स्थानीय निवासियों के साथ ही जो श्रद्धालु इस समय चित्रकूट आए हुए हैं, उन्हें भी आवश्यक सहायता प्रदान की जाए।