Edited By Desh sharma, Updated: 12 Oct, 2025 03:27 PM

मध्य प्रदेश हाईकोर्ट ने एक बड़ा और अहम फैसला सुनाया है। दरअसल 36 हफ्ते से अधिक गर्भवती नाबालिग रेप पीड़िता को बच्चा जन्म देने की इजाजत मिल गई है। कोर्ट ने मामले में कहा कि इस समय गर्भपात करना पीड़िता और भ्रूण दोनों के लिए जानलेवा हो सकता है।
जबलपुर (डेस्क): मध्य प्रदेश हाईकोर्ट ने एक बड़ा और अहम फैसला सुनाया है। दरअसल 36 हफ्ते से अधिक गर्भवती नाबालिग रेप पीड़िता को बच्चा जन्म देने की इजाजत मिल गई है। कोर्ट ने मामले में कहा कि इस समय गर्भपात करना पीड़िता और भ्रूण दोनों के लिए जानलेवा हो सकता है।
गर्भपात कराने से पीड़िता और बच्चे दोनों को जान का खतरा-रिपोर्ट
दरअसल ये मामला तब सामने आया जब सतना जिला कोर्ट ने 15 साल 8 महीने की रेप पीड़िता के गर्भवती होने की जानकारी हाईकोर्ट को पत्र के माध्यम से दी। हाईकोर्ट ने पीड़िता की मेडिकल रिपोर्ट मांगी तो मामले को गंभीर पाया। रिपोर्ट में बताया गया कि गर्भावस्था 36 सप्ताह से अधिक है और उसका हीमोग्लोबिन भी सामान्य से कम है। इस समय गर्भपात कराने से पीड़िता और बच्चे दोनों के लिए जान का खतरा हो सकता है
पीड़िता और उसके अभिभावकों को गर्भपात के सभी खतरों के बारे में समझाया गया। सारी बातें सुनने के बाद, पीड़िता और उसके अभिभावकों ने बच्चे को जन्म देने के लिए सहमति दे दी। लेकन घरवालों ने साफ कह दिया कि वो होने वाले बच्चे को अपने साथ नहीं रखना चाहते।
लिहाजा कोर्ट ने अपने आदेश में कहा है कि बच्चा पैदा होने के बाद, स्तनपान के लिए उसे 15 दिनों तक रेप पीड़िता के पास रखा जाएगा। इसके बाद, बच्चे को चाइल्ड वेलफेयर कमेटी सतना को सौंप दिया जाएगा। लिहाजा कोर्ट के इस अहम फैसले की हर ओर चर्चा हो रही है ।