Edited By Desh Raj, Updated: 06 Feb, 2026 06:08 PM

मध्यप्रदेश हाईकोर्ट के एक फैसले से सहायक प्राध्यापकों के लिए एक खुशी की खबर आई है। हाइकोर्ट ने इनको ओल्ड पेंशन का लाभ देने का आदेश दिया है। हाइकोर्ट ने उच्च शिक्षा विभाग को निर्देश दिए हैं कि भर्ती वर्ष 2003 के तहत नियुक्त सहायक प्राध्यापकों को ओल्ड...
(जबलपुर): मध्यप्रदेश हाईकोर्ट के एक फैसले से सहायक प्राध्यापकों के लिए एक खुशी की खबर आई है। हाइकोर्ट ने इनको ओल्ड पेंशन का लाभ देने का आदेश दिया है। हाइकोर्ट ने उच्च शिक्षा विभाग को निर्देश दिए हैं कि भर्ती वर्ष 2003 के तहत नियुक्त सहायक प्राध्यापकों को ओल्ड पेंशन स्कीम (OPS) का लाभ प्रदान किया जाए। हाइकोर्ट ने 90 दिनों के भीतर ऐसा करने के निर्देश दिए हैं। कोर्ट ने आदेश में कहा है कि भर्ती 2003 की थी और इसी आधार पर कुछ लोगों को OPS का लाभ दिया गया था।
कोर्ट ने भर्ती को वर्ष 2003 से संबंधित बताया
कोर्ट ने कहा कि नियुक्ति आदेश भले ही एक जनवरी 2005 को जारी किया है लेकिन याचिकाकर्ता पुरानी पेंशन योजना के हकदार होंगे।भर्ती वर्ष 2003 से संबंधित है । जबलपुर के रूपेंद्र कुमार गौतम सहित अन्य की ओर से अधिवक्ता वृंदावन तिवारी ने पक्ष प्रस्तुत किया था। 2003 में मप्र लोक सेवा आयोग ने सहायक प्राध्यापक के पद की भर्ती के लिए विज्ञापन जारी किया था।
कोर्ट को सुनाया राहत वाला फैसला
कहा गया कि याचिकाकर्ताओं ने परीक्षा उत्तीर्ण कर योग्यता हासिल कर ली थी, लेकिन उन्हें एक जनवरी 2005 के बाद नियुक्ति आदेश जारी किए गए। इसलिए इसमें उनकी कोई गलती नहीं है। दलील दी गई कि चयन प्रक्रिया का विज्ञापन 2003 में जारी हुआ है, इसलिए पेंशन भी इसी के अधीन आता है। लिहाजा अब कोर्ट ने उम्मीदवारों को ओपीएस का लाभ दिया है और राहत प्रदान की है