MP में बड़ा फर्जीवाड़ा उजागर! कई भाजपा नेता और बड़े अधिकारियों पर मामला दर्ज

Edited By meena, Updated: 02 Mar, 2026 06:30 PM

lakhnadon municipality fraud exposed

मध्यप्रदेश के सिवनी जिले की लखनादौन नगर पालिका परिषद में दुकानों के आवंटन में कथित अनियमितताओं को लेकर बड़ा खुलासा हुआ है...

भोपाल : मध्यप्रदेश के सिवनी जिले की लखनादौन नगर पालिका परिषद में दुकानों के आवंटन में कथित अनियमितताओं को लेकर बड़ा खुलासा हुआ है। Economic Offences Wing Jabalpur (EOW जबलपुर) ने जांच के बाद करीब दो दर्जन आरोपियों के खिलाफ एफआईआर दर्ज की है। इस मामले में तत्कालीन मुख्य नगर पालिका अधिकारी (सीएमओ) सहित राजस्व विभाग के अधिकारी और कई जनप्रतिनिधि व दुकानदार आरोपी बनाए गए हैं। आरोप है कि शॉपिंग कॉम्प्लेक्स की दुकानों के आवंटन में नियमों की अनदेखी कर शासन को आर्थिक क्षति पहुंचाई गई।

 

किन धाराओं में मामला दर्ज?

EOW ने आरोपियों के विरुद्ध भारतीय दंड संहिता की धारा 409 (आपराधिक न्यासभंग), 120-बी (आपराधिक साजिश) तथा भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम 1988 (संशोधित 2018) की धारा 7(सी), 13(1)ए और 13(2) के तहत प्रकरण दर्ज किया है। शिकायत में आरोप लगाया गया था कि सीएमओ और अध्यक्ष ने मिलीभगत कर नीलामी के बाद दुकानदारों से प्रीमियम की पूरी राशि लिए बिना ही दुकानें सुपुर्द कर दीं। इतना ही नहीं, आरक्षित वर्ग की दुकानों को भी सामान्य वर्ग के लोगों को आवंटित करने का आरोप है।

नगर परिषद लखनादौन ने 8 शॉपिंग कॉम्प्लेक्स में 75 दुकानों के निर्माण और नीलामी के लिए निविदा जारी की थी। जांच में पाया गया कि मुख्य नगर पालिका अधिकारी और राजस्व विभाग के अधिकारियों ने कथित रूप से दुकानदारों से मिलीभगत कर बिना विधिवत अनुबंध और बिना पूरी बोली राशि जमा कराए ही दुकानों का कब्जा दे दिया।

सत्यापन में सामने आया कि 32 दुकानों में से 13 दुकानदारों ने लगभग 79,82,500 रुपये की नीलामी राशि जमा नहीं की थी। इसके बावजूद वे बिना अनुबंध दुकानें संचालित कर रहे थे। साथ ही परिषद द्वारा नियमानुसार लगभग 2,88,000 रुपये का किराया भी वसूल नहीं किया गया।

 

किन-किन के खिलाफ कार्रवाई?

प्रकरण में तत्कालीन मुख्य नगर पालिका अधिकारी गजेन्द्र पाण्डे और गीता वाल्मीक, राजस्व उप निरीक्षक रवि झारिया सहित कई दुकानदारों और जनप्रतिनिधियों को आरोपी बनाया गया है। इसके अलावा नगर पालिका परिषद लखनादौन की प्रेसिडेंट इन काउंसिल के सदस्यों—मीणा बलराम गोल्हानी, देवकी शिवकुमार झारिया, संगीता संजय गोल्हानी, वर्षा श्रीकांत गोल्हानी, अनीता संदीप जैन, सविता गोलू कुमरे—सहित कुल 23 आरोपियों के खिलाफ अपराध पंजीबद्ध किया गया है।

EOW का कहना है कि मामले की विस्तृत जांच जारी है और साक्ष्यों के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी। इस कार्रवाई के बाद स्थानीय स्तर पर राजनीतिक और प्रशासनिक हलकों में हलचल तेज हो गई है।

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