MP में आधी रात को चली न्यायिक सर्जरी: सिविल जज से लेकर CJM तक बड़े पैमाने पर ट्रांसफर

Edited By meena, Updated: 06 Apr, 2026 06:14 PM

judicial surgery at midnight in mp massive transfers ranging from civil judges

Madhya Pradesh High Court ने न्यायिक व्यवस्था में बड़ा प्रशासनिक फेरबदल करते हुए 250 से अधिक न्यायिक अधिकारियों के तबादले कर दिए हैं। रविवार, 5 अप्रैल की देर रात जारी पांच अलग-अलग...

जबलपुर  (विवेक तिवारी) : Madhya Pradesh High Court ने न्यायिक व्यवस्था में बड़ा प्रशासनिक फेरबदल करते हुए 250 से अधिक न्यायिक अधिकारियों के तबादले कर दिए हैं। रविवार, 5 अप्रैल की देर रात जारी पांच अलग-अलग आदेशों के जरिए यह व्यापक बदलाव किया गया। इस फैसले को प्रदेश की न्यायिक व्यवस्था में सुधार और कार्यप्रणाली को अधिक प्रभावी बनाने की दिशा में अहम कदम माना जा रहा है।

सीनियर डिवीजन स्तर पर महत्वपूर्ण बदलाव

इस फेरबदल के तहत सिविल जज (सीनियर डिवीजन) स्तर पर 58 अधिकारियों का स्थानांतरण किया गया है। इनमें अतुल यादव, पुष्पराज सिंह उइके, अमित नागयाच, विजय कुमार पाठक और तथागत याज्ञिक जैसे अधिकारी शामिल हैं, जिन्हें नई जिम्मेदारियां सौंपी गई हैं। इन बदलावों का उद्देश्य विभिन्न जिलों में न्यायिक कार्यों को संतुलित करना और अनुभवी अधिकारियों की सेवाओं का बेहतर उपयोग करना बताया जा रहा है।

जूनियर डिवीजन में सबसे बड़ा ट्रांसफर अभियान

सबसे ज्यादा तबादले सिविल जज (जूनियर डिवीजन) स्तर पर किए गए हैं, जहां 190 से अधिक अधिकारियों को नई पदस्थापना दी गई है। इस सूची में अमन सुलिया, अंशुल ताम्रकार, सौरभ गोस्वामी, दिव्या रामटेके, प्राची सिंह पटेल और अंकिता जैन जैसे कई नाम शामिल हैं। इतने बड़े स्तर पर हुए बदलाव को न्यायिक व्यवस्था में नई ऊर्जा और कार्यक्षमता लाने की कोशिश के रूप में देखा जा रहा है।

CJM और अन्य संस्थानों में भी पुनर्गठन

मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट (CJM) स्तर पर भी कई जिलों में नए पदस्थापन किए गए हैं। इसके साथ ही जिला विधिक सेवा प्राधिकरण और राज्य न्यायिक अकादमी में भी अधिकारियों की नई नियुक्तियां की गई हैं। इस व्यापक पुनर्गठन से न्यायिक तंत्र को अधिक मजबूत और संगठित बनाने का प्रयास किया गया है।

20 अप्रैल तक जॉइनिंग के निर्देश

हाईकोर्ट प्रशासन ने सभी स्थानांतरित अधिकारियों को निर्देश दिया है कि वे 20 अप्रैल 2026 तक अपने वर्तमान पद से कार्यमुक्त होकर नई पदस्थापना स्थल पर कार्यभार ग्रहण करें। इतने बड़े पैमाने पर हुए इन तबादलों को प्रदेश में न्यायिक सुधार की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है, जिससे आने वाले समय में न्यायिक प्रक्रिया और अधिक सुचारु और प्रभावी होने की उम्मीद है।

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