सांसद बृजमोहन अग्रवाल की अध्यक्षता में DMF शासी परिषद की उच्च स्तरीय बैठक संपन्न

Edited By meena, Updated: 05 Jun, 2026 08:48 PM

high level meeting of the dmf governing council concludes under the chairmanship

बलौदाबाजार भाटापारा जिले के गांवों के विकास, अधोसंरचना और जनजीवन की परिस्थिति में क्रांतिकारी बदलाव लाने के उद्देश्य से आज जिला खनिज संस्थान न्यास...

रायपुर/बलौदाबाजार (पुष्पेंद्र सिंह): बलौदाबाजार भाटापारा जिले के गांवों के विकास, अधोसंरचना और जनजीवन की परिस्थिति में क्रांतिकारी बदलाव लाने के उद्देश्य से आज जिला खनिज संस्थान न्यास (DMF) की शासी परिषद की एक अत्यंत महत्वपूर्ण बैठक संपन्न हुई। बैठक में मुख्य रूप से उपस्थित माननीय सांसद बृजमोहन अग्रवाल ने जिले के विकास का नया रोडमैप तैयार करते हुए 'सैचुरेशन पॉइंट' (पूर्णता) के लक्ष्य पर काम करने के निर्देश दिए। बृजमोहन ने कहा कि,  DMF (District Mineral Foundation) की राशि का मुख्य उद्देश्य खनन प्रभावित क्षेत्रों का विकास और वहां के निवासियों के जीवन स्तर को ऊंचा उठाना है। इसलिए, इस राशि का एक-एक पैसा ग्रामीण क्षेत्रों के समग्र विकास, विशेषकर पेयजल, सिंचाई, शिक्षा और स्वास्थ्य जैसे बुनियादी क्षेत्रों में पूरी पारदर्शिता के साथ खर्च होना चाहिए। सांसद अग्रवाल ने ग्रामीण अंचलों की आवश्यकताओं को रेखांकित करते हुए प्रभावी कार्ययोजना बनाने की आवश्यकता पर जोर दिया।

जल जीवन मिशन के 'गैप' को भरने 10 गांवों का बनेगा क्लस्टर

पेयजल को प्राथमिकताओं में सबसे ऊपर रखते हुए सांसद ने निर्देश दिया कि जिन गांवों में पानी की समस्या है, वहां 10-10 गांवों का क्लस्टर बनाकर परमानेंट (स्थायी) समाधान के लिए कार्ययोजना बनाई जाए। जल जीवन मिशन के गैप को पूरा करने के लिए DMF के माध्यम से कार्य प्रमुखता से किये जाएं।

पर्यावरण और जल संरक्षण: वन-टेंथ (1/10) लागत में 'ग्रीन बाउंड्रीवॉल'

क्लाइमेट चेंज और बढ़ती गर्मी पर चिंता व्यक्त करते हुए सांसद अग्रवाल ने अपने व्यक्तिगत जीवन का उदाहरण साझा किया और वाटर हार्वेस्टिंग व वाटर रिचार्जिंग को अनिवार्य बनाने पर जोर दिया। उन्होंने सुझाव देते हुए कहा कि स्कूलों और शासकीय कॉलेजों में 1 करोड़ की कंक्रीट की बाउंड्रीवॉल बनाने के बजाय 10 लाख (सिर्फ वन-टेंथ लागत) में सघन वृक्षारोपण (Plantation) के माध्यम से 'ग्रीन बाउंड्रीवॉल' तैयार की जाए। इससे जल स्तर भी सुधरेगा और पर्यावरण भी सुरक्षित रहेगा।

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2017 से पुराने अप्रारंभ काम होंगे निरस्त

सांसद अग्रवाल ने कड़ा रुख अपनाते हुए निर्देश दिया कि जो विकास कार्य 2017 से हैं लेकिन धरातल पर शुरू ही नहीं हो पाए हैं, उन्हें तत्काल निरस्त किया जाए। उन पैसों को इन्वेस्ट कर नए सिरे से जनहित के कार्यों में यूटिलाइज किया जाए। साथ ही, जो काम अधूरे पड़े हैं उन्हें प्राथमिकता से पूरा कराया जाए।

शिक्षा और स्वास्थ्य क्षेत्र में मानव संसाधन (HR) की क्रांति

बैठक में कलेक्टर और जिला प्रशासन द्वारा प्रस्तुत की गई कार्ययोजना के अनुसार, शिक्षा और स्वास्थ्य पर विशेष फोकस किया गया है:

शिक्षा क्षेत्र: जिले के 283 स्कूलों में बुनियादी ढांचे को मजबूत करने के साथ-साथ मानव संसाधन की कमी दूर करने के लिए 453 पदों का सृजन DMF से किया गया है, जिस पर सालाना 2.5 करोड़ व्यय होंगे। इसके अलावा हर स्कूल में प्रार्थना शेड का निर्माण कराया जाएगा।

स्वास्थ्य क्षेत्र: जिले के PHC और CHC की व्यवस्थाओं को सुदृढ़ किया जाएगा। बेहतर स्वास्थ्य सुविधाएं उपलब्ध कराने के लिए लैब टेक्नीशियन से लेकर स्वास्थ्य विशेषज्ञों तक लगभग 100 पदों का प्रावधान किया गया है, जिसके लिए 3 करोड़ से अधिक की राशि स्वीकृत की गई है।

महिला-बाल विकास, दिव्यांगजन और कौशल विकास

कुपोषण पर प्रहार:जिले के करीब 9,500 कुपोषित बच्चों के लिए विशेष अभियान चलाकर स्व सहायता समूहों के माध्यम से बेहतर अनुपूरक खाद्यान्न और स्वास्थ्य सुविधाएं दी जाएंगी। 2 साल के भीतर सभी आंगनबाड़ियों के पक्के भवन बनाने का लक्ष्य रखा गया है। दिव्यांगजन सशक्तिकरण: जिले में दिव्यांगों के लिए एक विशेष केंद्र बनाया जाएगा जहां उन्हें ट्रेनिंग दी जाएगी, उनके द्वारा बनाए गए उत्पादों को प्रदर्शनी के माध्यम से बाजार उपलब्ध कराया जाएगा। रोजगारोन्मुखी कौशल विकास: लाइवलीहुड कॉलेज के माध्यम से युवाओं को जिले की स्थानीय इंडस्ट्रियल आवश्यकताओं (जैसे सीमेंट प्लांट, माइनिंग) के अनुरूप ट्रेनिंग देकर रोजगार से जोड़ा जाएगा।

अधोसंरचना और पीएम सूर्यघर योजना

जिला प्रशासन और सीईओ जिला पंचायत द्वारा दी गई जानकारी के अनुसार, जिले के सभी 562 ग्रामों में बेसलाइन सर्वे और गैप आइडेंटिफिकेशन का काम ग्राम सभाओं के माध्यम से पूरा कर लिया गया है। गांवों में सड़कों और पुलों की आवश्यकताओं को चिन्हित किया गया है। साथ ही शासन की महत्वपूर्ण 'PM सूर्यघर योजना' के तहत साढ़े चार करोड़ रुपये की राशि का प्रावधान किया गया है, जिसे क्रेडा के माध्यम से धरातल पर उतारा जाएगा।

सांसद बृजमोहन अग्रवाल ने अधिकारियों को निर्देशित किया कि विभाग के अधिकारी स्वयं फील्ड पर जाकर देखें कि किस गांव में किस चीज की सबसे ज्यादा आवश्यकता है, उसी का प्रस्ताव पहले बनाएं ताकि विकास कार्यों का लाभ सीधे अंतिम व्यक्ति तक पहुंच सके। इस अवसर पर मंत्री टंक राम वर्मा, सांसद कमलेश जांगड़े,  राज्यसभा सांसद लक्ष्मी वर्मा, कसडोल विधायक संदीप साहू, भाटापारा विधायक इंद्र साव, बिलाईगढ़ विधायक कविता लहरे, पूर्व विधायक शिव रतन शर्मा,  स्थानीय जनप्रतिनिधि और विभागीय अधिकारी उपस्थित रहे।

केवल पौधा लगाना काफी नहीं, पेड़ बनते तक करें देखभाल: बृजमोहन अग्रवाल

सांसद बृजमोहन अग्रवाल विश्व पर्यावरण दिवस के अवसर पर शासकीय दाऊ कल्याण कला एवं वाणिज्य स्नातकोत्तर महाविद्यालय, बलौदा बाजार में वन मंडल द्वारा आयोजित पौधारोपण कार्यक्रम में शामिल हुए।

उन्होंने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी जी के आह्वान को आगे बढ़ाते हुए अपनी पूजनीय माता के प्रति सम्मान प्रकट करने के लिए "एक पेड़ मां के नाम" अभियान के अंतर्गत पौधारोपण किया। उन्होंने कहा हमारा संकल्प केवल पौधा लगाने तक सीमित नहीं होना चाहिए। सच्ची पर्यावरण सेवा तब होगी जब हम उस पौधे को सींचें, उसे सुरक्षित रखें और जब तक वह एक विशाल पेड़ न बन जाए, तब तक उसकी संतान की तरह देखभाल करने का संकल्प लें।"

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