Edited By Himansh sharma, Updated: 31 May, 2026 05:09 PM

मध्य प्रदेश के भिंड के चर्चित हनीट्रैप कांड में ऐसा खुलासा हुआ है जिसने न सिर्फ पुलिस बल्कि उन लोगों की भी नींद उड़ा दी है जो कभी इस गैंग के संपर्क में आए थे।
भिंड: मध्य प्रदेश के भिंड के चर्चित हनीट्रैप कांड में ऐसा खुलासा हुआ है जिसने न सिर्फ पुलिस बल्कि उन लोगों की भी नींद उड़ा दी है जो कभी इस गैंग के संपर्क में आए थे। पुलिस जांच में हनीट्रैप गिरोह की एक महिला सदस्य के HIV पॉजिटिव होने की पुष्टि हुई। जानकारी के मुताबिक महिला पिछले तीन वर्षों से संक्रमित है और इलाज भी करवा रही थी। सबसे गंभीर बात यह है कि यही महिला कथित तौर पर गिरोह का वह चेहरा थी जो लोगों से नजदीकियां बढ़ाकर उन्हें जाल में फंसाती थी।
इस खुलासे के बाद अब मामला केवल ब्लैकमेलिंग और उगाही तक सीमित नहीं रह गया है, बल्कि स्वास्थ्य सुरक्षा का बड़ा सवाल भी खड़ा हो गया है। पुलिस सूत्रों के अनुसार गिरोह कई लोगों को अपना शिकार बना चुका है। ऐसे में उन लोगों की चिंता बढ़ना स्वाभाविक है जिनके महिला के साथ संबंध रहे होंगे।
सबसे बड़ा सवाल यह है कि क्या अब वे प्रभावशाली और हाईप्रोफाइल लोग सामने आएंगे जो इस गैंग के निशाने पर थे? क्या वे अपनी HIV जांच करवाएंगे या सामाजिक प्रतिष्ठा और बदनामी के डर से चुप्पी साधे रहेंगे? स्वास्थ्य विशेषज्ञों का मानना है कि ऐसे मामलों में किसी भी तरह की झिझक खतरनाक साबित हो सकती है और समय पर जांच ही सबसे सुरक्षित विकल्प है।
भिंड में इस खुलासे के बाद चर्चाओं का बाजार गर्म है। जिन लोगों ने अब तक शिकायत दर्ज नहीं कराई है, उनके सामने भी दुविधा खड़ी हो गई है। एक तरफ सामाजिक प्रतिष्ठा का सवाल है तो दूसरी तरफ स्वास्थ्य की चिंता। जिला अस्पताल के सूत्रों का कहना है कि संभावित पीड़ितों को जांच कराने की सलाह दी जा रही है, हालांकि अभी तक कोई व्यक्ति खुलकर सामने नहीं आया है।
हनीट्रैप गैंग पर पहले ही वृद्ध पुरुषों को निशाना बनाकर अश्लील वीडियो बनाने और झूठे दुष्कर्म मामलों में फंसाने की धमकी देकर लाखों रुपये वसूलने के आरोप हैं। लेकिन HIV पॉजिटिव महिला का खुलासा इस पूरे मामले को और अधिक गंभीर बना रहा है।
अब सबकी नजर इस बात पर है कि क्या इस सनसनीखेज खुलासे के बाद और पीड़ित सामने आएंगे? क्या हाईप्रोफाइल नामों का खुलासा होगा? और सबसे महत्वपूर्ण, क्या संभावित पीड़ित अपनी सेहत को प्राथमिकता देते हुए जांच कराने का साहस जुटा पाएंगे?