कश्मीर में फिर हिंदू बने निशाना: कुलगाम में आतंकियों का खूनी खेल, नाम पूछने के बाद 2 हिंदू मजदूरों की गोली मारकर हत्या

Edited By Himansh sharma, Updated: 01 Aug, 2026 01:48 PM

kulgam terror attack two hindu workers shot dead after identity check

जम्मू-कश्मीर के कुलगाम जिले में शुक्रवार रात आतंकवादियों ने एक बार फिर ऐसा हमला किया जिसने कुछ महीने पहले हुए पहलगाम आतंकी हमले की भयावह तस्वीरें लोगों के ज़ेहन में ताज़ा कर दीं।

रायपुर। जम्मू-कश्मीर के कुलगाम जिले में शुक्रवार रात आतंकवादियों ने एक बार फिर ऐसा हमला किया जिसने कुछ महीने पहले हुए पहलगाम आतंकी हमले की भयावह तस्वीरें लोगों के ज़ेहन में ताज़ा कर दीं। ईंट-भट्ठे पर काम कर रहे प्रवासी मजदूरों के बीच पहुंचे हथियारबंद आतंकियों ने पहले मजदूरों की पहचान पूछी और फिर दो हिंदू युवकों को अलग कर बेहद करीब से गोलियां मार दीं। इस कायराना हमले में दोनों मजदूरों की मौत हो गई। मृतकों की पहचान 24 वर्षीय दीपक रात्रे और 28 वर्षीय भूपेंद्र के रूप में हुई है। दोनों छत्तीसगढ़ के निवासी थे और रोज़गार की तलाश में कश्मीर आए थे। दीपक ने घटनास्थल पर ही दम तोड़ दिया, जबकि गंभीर रूप से घायल भूपेंद्र ने शनिवार सुबह श्रीनगर स्थित शेर-ए-कश्मीर इंस्टीट्यूट ऑफ मेडिकल साइंसेज (SKIMS) में उपचार के दौरान अंतिम सांस ली।

पहले पहचान, फिर गोलियां...

जानकारी के अनुसार, हमला शुक्रवार रात करीब 8:30 बजे कुलगाम से लगभग 20 किलोमीटर दूर केलाम क्षेत्र के एक ईंट-भट्ठे पर हुआ। उस समय वहां कई प्रवासी मजदूर मौजूद थे। प्रत्यक्षदर्शियों के मुताबिक, आतंकियों ने मजदूरों से नाम और पहचान पूछी। दोनों हिंदू मजदूरों को अलग करने के बाद उन पर ताबड़तोड़ फायरिंग कर दी। आसपास रहने वाले लोगों ने करीब 10 से 12 राउंड गोलियां चलने की आवाजें सुनीं।

पूरे इलाके की घेराबंदी, बड़े सर्च ऑपरेशन की शुरुआत

हमले के तुरंत बाद सुरक्षा बलों ने घटनास्थल के आसपास करीब दो किलोमीटर क्षेत्र को सील कर व्यापक तलाशी अभियान शुरू कर दिया। सेना, पुलिस और अन्य सुरक्षा एजेंसियां आतंकियों की तलाश में संयुक्त अभियान चला रही हैं।

जांच एजेंसियों के निशाने पर TRF से जुड़ा आतंकी

प्रारंभिक जांच में सुरक्षा एजेंसियों को शक है कि इस हमले में एक स्थानीय और एक पाकिस्तानी आतंकी शामिल था। सूत्रों के अनुसार, जांच का फोकस मोहम्मद लतीफ नामक संदिग्ध पर है, जिसके पिछले वर्ष द रेजिस्टेंस फ्रंट (TRF) से जुड़ने की जानकारी सामने आई थी। एजेंसियां उसके नेटवर्क और गतिविधियों की गहराई से पड़ताल कर रही हैं।

CCTV फुटेज से तलाशे जा रहे सुराग

पिछले कुछ वर्षों में ईंट-भट्ठों पर हुए आतंकी हमलों के बाद पुलिस ने अधिकांश भट्ठों पर CCTV कैमरे लगाने के निर्देश दिए थे। जिस ईंट-भट्ठे पर यह हमला हुआ, वहां भी कैमरे लगे थे। जांच दल अब फुटेज खंगालकर आतंकियों की पहचान और उनकी गतिविधियों का पता लगाने में जुटा है। इस क्षेत्र में 20 से अधिक ईंट-भट्ठे संचालित हैं।

पीड़ित परिवारों को आर्थिक सहायता

जम्मू-कश्मीर के मुख्यमंत्री उमर अब्दुल्ला ने घटना पर गहरा दुख व्यक्त करते हुए मृतकों के परिजनों को पहले से निर्धारित 6 लाख रुपये की सहायता के अतिरिक्त मुख्यमंत्री राहत कोष से 10 लाख रुपये की अनुग्रह राशि देने की घोषणा की है।

फिर उठा बड़ा सवाल

कुलगाम की यह घटना केवल दो निर्दोष मजदूरों की हत्या नहीं, बल्कि उन प्रवासी श्रमिकों की सुरक्षा पर भी गंभीर सवाल खड़े करती है जो अपने परिवार का पेट पालने के लिए सैकड़ों किलोमीटर दूर जाकर काम करते हैं। लगातार हो रहे ऐसे लक्षित हमले यह संकेत देते हैं कि आतंकवादी संगठन अब भी भय और सांप्रदायिक तनाव फैलाने की साजिशों से बाज नहीं आ रहे हैं। ऐसे में सुरक्षा व्यवस्था को और मजबूत करना समय की सबसे बड़ी आवश्यकता बन गई है।

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