Edited By Desh sharma, Updated: 10 Jan, 2026 09:30 PM

सीधी जिले की सियासत में शनिवार को उस समय गरमाहट आ गई, जब योजनाओं के नामकरण को लेकर प्रभारी मंत्री दिलीप जायसवाल ने खुलकर बड़ा बयान दिया।
सीधी (सूरज शुक्ला): सीधी जिले की सियासत में शनिवार को उस समय गरमाहट आ गई, जब योजनाओं के नामकरण को लेकर प्रभारी मंत्री दिलीप जायसवाल ने खुलकर बड़ा बयान दिया। शनिवार को सीधी शहर में आयोजित ‘जी राम जी योजना’ को लेकर समीक्षा बैठक के दौरान जब मीडिया ने सवाल किया कि क्या भविष्य में अन्य योजनाओं के नाम भी भगवान श्रीराम, माता सीता या सनातन परंपरा से जुड़े नामों पर रखे जाएंगे, तो प्रभारी मंत्री ने दो टूक जवाब दिया।
अगर जरूरत पड़ी तो सभी योजनाओं के नाम बदले जाएंगे- दिलीप जायसवाल
दिलीप जायसवाल ने कहा कि “अगर जरूरत पड़ी तो सभी योजनाओं के नाम बदले जाएंगे। जो भी नाम सनातन संस्कृति के पक्ष में होंगे और जिन पर हमें गर्व होगा, उन्हें जरूर अपनाया जाएगा।” उन्होंने स्पष्ट किया कि यह केवल नाम बदलने का विषय नहीं है, बल्कि भारतीय संस्कृति, आस्था और परंपरा को सम्मान देने की सोच है।
बैठक का मुख्य उद्देश्य हाल ही में मध्य प्रदेश सरकार द्वारा मुख्यमंत्री जन आवास योजना का नाम बदलकर ‘जी राम जी योजना’ किए जाने के बाद उसके क्रियान्वयन, प्रचार-प्रसार और ज़मीनी स्तर पर प्रभाव को लेकर चर्चा करना था। बैठक में प्रशासनिक अधिकारी, जनप्रतिनिधि और पार्टी पदाधिकारी मौजूद रहे। योजना के लाभार्थियों तक समय पर सहायता पहुंचे, इसके लिए आवश्यक दिशा-निर्देश भी दिए गए।
प्रभारी मंत्री ने बैठक में भाजपा सरकार की उपलब्धियां भी गिनाईं। उन्होंने कहा कि प्रदेश सरकार गरीब, किसान, महिला और युवाओं के कल्याण के लिए निरंतर काम कर रही है और योजनाओं को जन-जन तक पहुंचाने में कोई कोताही नहीं बरती जाएगी।
हालांकि, योजनाओं का नाम भगवान राम के नाम पर रखे जाने को लेकर राजनीतिक और सामाजिक स्तर पर सवाल भी उठने लगे हैं। विपक्ष इसे मुद्दा बनाकर सरकार पर धार्मिक ध्रुवीकरण का आरोप लगा रहा है, वहीं भाजपा इसे सांस्कृतिक गौरव से जोड़कर देख रही है। सीधी में हुई यह बैठक साफ संकेत देती है कि आने वाले समय में मध्य प्रदेश की राजनीति में योजनाओं के नामकरण को लेकर बहस और तेज हो सकती है।