Edited By Desh Raj, Updated: 23 May, 2026 11:19 PM

मध्य प्रदेश की राजनीति में अपनी अलग पहचान रखने वाली पूर्व कैबिनेट मंत्री इमरती देवी सुमन इन दिनों एक बार फिर चर्चा में हैं, लेकिन इस बार वजह कोई राजनीतिक बयान, चुनावी सभा या संगठनात्मक गतिविधि नहीं, बल्कि उनके सबसे प्रिय साथी “ब्रूजो” का निधन है
(डबरा): मध्य प्रदेश की राजनीति में अपनी अलग पहचान रखने वाली पूर्व कैबिनेट मंत्री इमरती देवी सुमन इन दिनों एक बार फिर चर्चा में हैं, लेकिन इस बार वजह कोई राजनीतिक बयान, चुनावी सभा या संगठनात्मक गतिविधि नहीं, बल्कि उनके सबसे प्रिय साथी “ब्रूजो” का निधन है। जी हां नाम ये नाम आपने पहले भी सुना होगा, ब्रूजो, अगर फिर भी आपको पता नहीं है तो बता देते है कि ब्रूजो इमरती देवी का पालतू डॉग था जो अब इस दुनिया में नहीं रहा । इस डॉग को इमरती देवी एक परिवार के सदस्य की तरह मानती थी और इसके होने से खुशी का अहसास करती थी। लेकिन इस डॉग की मौत ले इमरती देवी को भारी झटका लगा है और वो गहरे दुख में है।
भाजपा कार्यकर्ता, समर्थक और वरिष्ठ पदाधिकारी भी शोक में
जी हां इमरती देवी के पालतू डॉग की मौत से इमरती देवी और उनका परिवार तो सदमे में है लेकिन भाजपा कार्यकर्ता, समर्थक और कई वरिष्ठ पदाधिकारी भी दुखी है। ब्रूजो की मौत पर वो संवेदना व्यक्त करने पहुंच रहे हैं। इमरती को दिलासा दे रहे हैं, ढांढस बंधा रहे है, लेकिन इमरती देवी का दुख कम नहीं हो रहा है। भाजपा समर्थक हौंसला दे रहे हैं कि आना-जाना तो दुनिया का नियम है इसलिए ब्रूजो की मौत को भगवान की ईच्छा मानते हुए दिल को मजबूत किया जाए।
ब्रूजो को देखते ही परिवार के चेहरे पर आ जाती थी मुस्कान
बताया जाता है कि ब्रूजो इमरती देवी और उनके परिवार के लिए वह परिवार का सदस्य था, घर की रौनक था, दिनभर की थकान के बाद चेहरे पर मुस्कान लाने वाला साथी था। इस पालतू डॉग को देखते ही थकान और मायूसी दूर हो जाती थी,घर के सदस्य चहक उठते थे,लेकिन अब सन्नाटा पसर गया है, क्योंकि उनको हंसाने वाला ब्रूनो अब इस दुनिया से रुकसत हो गया है।
पांच वर्ष पहले गुम हुआ था ब्रूजो, ग्वालियर में मची थी हलचल
ब्रूजो को आप आम डॉग नहीं समझिए, इसकी अलग पहचान है। करीब पांच वर्ष पहले जब ये पालूत अचानक गुम हुआ था ग्वालियर जिले में हलचल मच गई थी। ब्रूजो की तलाश के लिए तो पुलिस प्रशासन ऐसे जुट गया था जैसे किसी गंभीर किस्म के अपराधी को लिए पुलिस मोर्चा खोलती है। कई थाना क्षेत्रों में सूचना भेजी गई, टीमों को आर्डर दिए गए, किसी भी हालत में पालतू को ढूंढकर दीजिए। पुलिस प्रशासन के हाथ-पांव फूल गए थे उस वक्त।
ब्रूजो की तलाश पर जनता में उठे थे कई सवाल, व्यंग्य भी हुए
ब्रूजो की तलाश पर लोगों ने कहा कि जिस तेजी और गंभीरता से पुलिस प्रशासन एक पालतू डॉग की तलाश में जुटा है, अगर उसी तत्परता से आम लोगों की शिकायतों, चोरी, गुमशुदगी और अपराधों पर कार्रवाई हो, तो शायद व्यवस्था की तस्वीर कुछ और हो।
लिहाजा 5 साल पहले गायब होने पर सुर्खियों बटोरने वाला ब्रूजो आज इस दुनिया में नहीं रहा। इमरती देवी, बीजेपी समर्थक और कई पदाधिकारी गम में डूब गए हैं। इमरती गहरे शोक में हैं और प्रिय पालतू के बिना आगे की कल्पना करके आंसू बरबस ही निकल रहे हैं।
“ब्रूजो” अब सिर्फ एक पालतू डॉग नहीं, बल्कि मध्य प्रदेश की राजनीति के सबसे चर्चित किस्सों में शामिल एक नाम बन चुका है।