Edited By meena, Updated: 28 Mar, 2026 12:34 PM

ध्य प्रदेश के सिंगरौली जिले में भारतीय जनता पार्टी से जुड़े नेता और पार्षद की गुंडागर्दी का मामला सामने आया है। अंहकार और सत्ता के नशे में चूर भाजपा नेता की सरेआम दंबगई मामले ने...
सिंगरौली : मध्य प्रदेश के सिंगरौली जिले में भारतीय जनता पार्टी से जुड़े नेता और पार्षद की गुंडागर्दी का मामला सामने आया है। अंहकार और सत्ता के नशे में चूर भाजपा नेता की सरेआम दंबगई मामले ने प्रशासनिक व्यवस्था पर सवाल खड़े कर दिए हैं। घटना बीती रात की बताई जा रही है, जब बिजली विभाग की मेंटेनेंस टीम पर कथित रूप से हमला किया गया। हैरानी की बात यह है कि यह हमला किसी असामाजिक तत्व ने नहीं, बल्कि सत्ताधारी दल से जुड़े जनप्रतिनिधि पर आरोपित है।
मामला कोतवाली थाना क्षेत्र के कचनी मोड़ का है, जहां मेंटेनेंस करने आए बिजली विभाग की टीम पर पार्षद ने हमला किया गया। आरोप है कि पार्षद संतोष शाह ने अपने समर्थकों के साथ मिलकर कर्मचारियों के साथ मारपीट की। इस दौरान विभाग की सरकारी गाड़ी के शीशे भी तोड़ दिए गए, जिससे मौके पर अफरा-तफरी का माहौल बन गया।
बिजली कर्मचारी के मुताबिक, दो-तीन लोग गाड़ी के सामने आए और अचानक गाड़ी की चाबी निकाल ली। उनमें से एक व्यक्ति ने सीधे तौर पर कहा कि मेरी लाइट बंद है, लाइट बनाओ। तो हमने उनसे शिकायत की जानकारी मांगी कि अपना शिकायत नंबर दिखाओ या अपना बिजली बिल दिखाओ और हो सकता है कि बकाया बिल की वजह से लाइट काटी गई होगी। लेकिन उनके द्वारा किसी भी तरह की जानकारी नहीं दी गई बल्कि गाली गलौज किया गया। इसके बाद हमने 112 डायल कर पुलिस को बुलाया और वार्ड 42 के पार्षद संतोष शाह को भी बुलाया गया। इस दौरान पुलिस समझाने के बाद पुलिस निकल गई और चाबी दे दी गई। पुलिस के जाते ही पार्षद ने बिजली कर्मचारी पर हाथ उठा दिया और मारपीट की।
घटना के बाद बिजली विभाग के कर्मचारियों में भारी आक्रोश है। कर्मचारियों ने थाने में शिकायत दर्ज कराते हुए आरोपियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग की है। साथ ही चेतावनी दी है कि यदि जल्द कार्रवाई नहीं हुई, तो वे काम बंद करने को मजबूर होंगे, जिससे आम जनता की बिजली व्यवस्था भी प्रभावित हो सकती है।
फिलहाल पुलिस ने मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। इस घटना ने एक बार फिर सत्ता से जुड़े लोगों के व्यवहार और कानून व्यवस्था को लेकर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। अब देखना होगा कि प्रशासन इस मामले में कितनी तेजी और निष्पक्षता से कार्रवाई करता है।