48 घंटे भूखे रहकर ट्रेन चला रहे लोकोपायलट...केंद्र से मांगों को लेकर अनोखा प्रदर्शन

Edited By meena, Updated: 02 Dec, 2025 08:22 PM

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अखिल भारतीय लोको रनिंग स्टाफ एसोसिएशन के आह्वान पर देश भर के लोको पायलट अनोखे और शांतिपूर्ण ढंग से अपनी मांगें मनवाने के लिए विरोध प्रदर्शन कर रहे...

गुना (मिस्बाह नूर) : अखिल भारतीय लोको रनिंग स्टाफ एसोसिएशन के आह्वान पर देश भर के लोको पायलट अनोखे और शांतिपूर्ण ढंग से अपनी मांगें मनवाने के लिए विरोध प्रदर्शन कर रहे हैं। अपनी विभिन्न मांगों को केंद्र सरकार तक पहुंचाने के लिए सभी लोको पायलट 48 घंटों तक भूखे रहकर ट्रेन और मालगाड़ियां चला रहे हैं। यह प्रदर्शन 2 दिसंबर की सुबह 10 बजे से शुरू हो गया है।

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मंगलवार को गुना से गुजरी कई रूट की रेलगाड़ियों और मालगाड़ियों के पायलटों ने इस शांतिपूर्ण प्रदर्शन की पुष्टि की। ग्वालियर-बीना रेलगाड़ी (51884) के स्टाफ ने भी अपने विरोध प्रदर्शन में शामिल होने की बात कही। पायलटों ने स्पष्ट किया कि वे देशहित में काम कर रहे हैं और इसलिए कामकाज प्रभावित नहीं करेंगे। वे भूखे रहकर भी रेलगाड़ियाँ चला रहे हैं ताकि लोगों को परेशानी न हो, लेकिन अपनी मांगें केंद्र सरकार तक पहुंचाई जा सकें। बताया गया है कि इस प्रदर्शन को रेल मैनेजर ने भी समर्थन दिया है।

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लोको रनिंग स्टाफ प्रमुख रूप से प्रति किलोमीटर भत्ता बढ़ाने, उनके वेतन के रनिंग अलाउंस वाले हिस्से पर आयकर में छूट को 70 प्रतिशत करने की मांग पर अड़ा हुआ है। स्टाफ के मुताबिक वर्तमान में यह छूट केवल 20 प्रतिशत दी जा रही है, जिसका मतलब है कि रनिंग अलाउंस के 80 प्रतिशत हिस्से पर टैक्स लग रहा है, जिससे वे असंतुष्ट हैं। इतना ही नहीं बेहद संवेदनशील काम से जुड़े होने के बावजूद रनिंग स्टाफ को महज 30 घंटे का मुख्यालय साप्ताहिक विश्राम दिया जा रहा है, जबकि सभी स्टाफ को 46 घंटे का विश्राम मिलना चाहिए। इसमें बढ़ोतरी की मांग की जा रही है। रनिंग स्टाफ डीए और अन्य मदों में होने वाले भुगतान को लेकर भी रेल विभाग से असंतुष्ट बताया जा रहा है।

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