Edited By Vikas Tiwari, Updated: 14 Oct, 2025 08:20 PM

जिले में रिश्वतखोर अफसरों और कर्मचारियों पर लोकायुक्त की सख्त कार्रवाई का सिलसिला जारी है। ताजा मामला तामिया विकासखंड का है, जहां आदिम जाति एवं सेवा सहकारी समिति मर्यादित के प्रबंधक को 59 हजार रुपए की रिश्वत लेते हुए लोकायुक्त जबलपुर टीम ने रंगे हाथ...
छिंदवाड़ा (साहुल सिंह): जिले में रिश्वतखोर अफसरों और कर्मचारियों पर लोकायुक्त की सख्त कार्रवाई का सिलसिला जारी है। ताजा मामला तामिया विकासखंड का है, जहां आदिम जाति एवं सेवा सहकारी समिति मर्यादित के प्रबंधक को 59 हजार रुपए की रिश्वत लेते हुए लोकायुक्त जबलपुर टीम ने रंगे हाथ पकड़ा है।

वेयरहाउस संचालन के लिए मांगी थी घूस
लोकायुक्त के अनुसार, शिकायतकर्ता हरीश राय (निवासी झिरपा) ने टीम को सूचना दी थी कि समिति के प्रबंधक मुनिम प्रसाद पटेल ने वेयरहाउस संचालन को सुचारू रूप से चलाने और उसे ब्लैकलिस्ट में शामिल न करने के एवज में 59 हजार रुपए की मांग की थी।
लोकायुक्त ने बिछाया जाल
शिकायत की पुष्टि के बाद लोकायुक्त जबलपुर की टीम ने मंगलवार दोपहर तामिया सहकारी समिति कार्यालय में पहुंचकर जाल बिछाया। जैसे ही प्रबंधक ने रिश्वत की राशि ली, टीम ने तत्काल उसे रंगे हाथ गिरफ्तार कर लिया। लोकायुक्त ने आरोपी प्रबंधक मुनिम प्रसाद पटेल के खिलाफ भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम के तहत मामला दर्ज किया है। अधिकारियों का कहना है कि जांच पूरी होने के बाद आगे की कार्रवाई की जाएगी।
रिश्वतखोरों पर जारी है शिकंजा
लोकायुक्त टीम ने हाल के दिनों में छिंदवाड़ा जिले में कई ऐसे अधिकारियों को गिरफ्तार किया है, जो सरकारी कार्यों में रिश्वतखोरी में लिप्त पाए गए। बावजूद इसके, रिश्वतखोर कर्मचारी सुधरने का नाम नहीं ले रहे हैं।