Edited By Vandana Khosla, Updated: 08 Jul, 2026 02:34 PM

सीधी (सूरज शुक्ला): मध्यप्रदेश के सीधी जिले की गोपद बनास तहसील में बुधवार को लोकायुक्त पुलिस रीवा ने बड़ी कार्रवाई करते हुए तहसील कार्यालय में पदस्थ भृत्य दामोदर प्रसाद साकेत को ₹3,000 की रिश्वत लेते हुए रंगे हाथ गिरफ्तार कर लिया। कार्रवाई सुबह करीब...
सीधी (सूरज शुक्ला): मध्यप्रदेश के सीधी जिले की गोपद बनास तहसील में बुधवार को लोकायुक्त पुलिस रीवा ने बड़ी कार्रवाई करते हुए तहसील कार्यालय में पदस्थ भृत्य दामोदर प्रसाद साकेत को ₹3,000 की रिश्वत लेते हुए रंगे हाथ गिरफ्तार कर लिया। कार्रवाई सुबह करीब 10:30 बजे तहसील कार्यालय के गेट के बाहर की गई, जिससे पूरे कार्यालय में हड़कंप मच गया।
शिकायतकर्ता नागेंद्र तिवारी, निवासी ग्राम खजुरी, ने बताया कि उनकी जमीन ग्राम बेदुआ में है। जमीन के नामांतरण और वसीयत (वारिसाना) संबंधी कार्य के लिए उन्होंने जनवरी माह में तहसील कार्यालय में आवेदन किया था। इसके बाद लगातार उनसे काम कराने के एवज में पैसों की मांग की जा रही थी। नागेंद्र तिवारी के अनुसार, जब भी वे तहसील कार्यालय पहुंचे, दामोदर प्रसाद साकेत बाबू की कुर्सी के पास बैठा मिलता था। उन्हें अब तक यही लगता था कि वह बाबू है, लेकिन कार्रवाई के बाद पता चला कि वह भृत्य के पद पर पदस्थ है।
नागेंद्र तिवारी ने बताया कि दामोदर प्रसाद साकेत ने काम कराने के लिए ₹3,000 की रिश्वत मांगी थी। मांग से परेशान होकर उन्होंने रीवा लोकायुक्त कार्यालय में शिकायत दर्ज कराई। शिकायत के सत्यापन के बाद लोकायुक्त टीम ने जाल बिछाया और बुधवार को जैसे ही शिकायतकर्ता ने आरोपी को ₹3,000 दिए, टीम ने तहसील कार्यालय के गेट के बाहर उसे रंगे हाथ पकड़ लिया।
लोकायुक्त निरीक्षक रमेश बेहरा ने बताया कि नामांतरण एवं वसीयत से संबंधित कार्य के लिए रिश्वत मांगने की शिकायत प्राप्त हुई थी। शिकायत का सत्यापन कराने के बाद ट्रैप कार्रवाई की गई, जिसमें आरोपी दामोदर प्रसाद साकेत को ₹3,000 की रिश्वत लेते हुए रंगे हाथ गिरफ्तार किया गया। आरोपी के विरुद्ध भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम के तहत वैधानिक कार्रवाई की जा रही है।
इस कार्रवाई के बाद तहसील कार्यालय में चर्चाओं का दौर शुरू हो गया है। स्थानीय लोगों का कहना है कि एक भृत्य द्वारा अकेले इस प्रकार रिश्वत मांगना कई सवाल खड़े करता है। हालांकि, किसी अन्य कर्मचारी या अधिकारी की संलिप्तता की अभी तक आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है। मामले की जांच जारी है और लोकायुक्त टीम आगे की कार्रवाई कर रही है।