Edited By Desh Raj, Updated: 30 Jun, 2026 11:02 PM

मध्य प्रदेश में खाकी एक बार फिर दागदार हुई है। हेड कांस्टेबल को रिश्वत लेते हुए रंगें हाथों पकडा गया है जिससे हड़कंप मच गया है।
(डेस्क):मध्य प्रदेश में खाकी एक बार फिर दागदार हुई है। हेड कांस्टेबल को रिश्वत लेते हुए रंगें हाथों पकडा गया है जिससे हड़कंप मच गया है। दरअसल राजस्थान भ्रष्टाचार निरोधक ब्यूरो ने बड़ी कार्रवाई करते हुए रतलाम के औद्योगिक क्षेत्र थाने में पदस्थ हेड कांस्टेबल तपेश गोसाई को 50 हजार रुपये की रिश्वत लेते हुए रंगे हाथों दबोचा है।जांच में सामने आया है कि आरोपी पहले ही 10 हजार रुपये वसूल चुका था, उसने कुल 1 लाख 10 हजार रुपये की रिश्वत की मांग की थी। इसी बीच वो रंगें हाथ धरा गया।
क्या है मामला?
जानकारी के मुताबिक भीलवाड़ा के रहने वाले मोहम्मद लियाकत ने रतलाम में नए आरटीओ कार्यालय के सामने स्थित बंद पड़े ऑयल मिल और जमीन का सौदा करवाया। इसके लिए उसने 25 लाख रुपए ले लिए लेकिन रतलाम के रतन जांगिड़ की मुलाकात उसने जमीन मालिक से नहीं करवाई। रतन जांगिड़ ने इसकी शिकायत औद्योगिक थाने में करवाई। हेड कांस्टेबल ने जमीन धोखाधड़ी के इस मामले में आरोपी के साथ नरमी बरतने, मारपीट न करने और जांच में सहयोग करने के एवज में कुल 1 लाख 10 हजार रुपये की रिश्वत की मांग की थी।
मामले की जांच हेड कॉन्स्टेबल तपेश गोसाई के पास थी और लियाकत को इस मामले में गिरफ्तार किया गया था । उसके साथ मारपीट नहीं करने की एवज में उसके भाई से रिश्वत मांगी थी। हेड कांस्टेबल ने आरोपी मोहम्मद लियाकत शेख के परिजनों से कानूनी मदद दिलाने और कार्रवाई में राहत देने के बदले रिश्वत मांगी थी। शिकायत मिलने के बाद डीएसपी नरपत सिंह चारण के नेतृत्व में एसीबी टीम ने भीलवाड़ा में ट्रैप कार्रवाई कर आरोपी को 50 हजार रुपये लेते हुए पकड़ लिया। हेड कॉन्स्टेबल लियाकत को लेकर भीलवाड़ा पहुंचा था। वहीं फरियादी ने राजस्थान एसीबी से शिकायत की थी। एसीबी ने भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम के तहत प्रकरण दर्ज कर आगे की जांच शुरू कर दी है।