Edited By Desh Raj, Updated: 30 Jul, 2026 02:20 PM

छत्तीसगढ़ के सीतापुर विधानसभा क्षेत्र के विधायक रामकुमार टोप्पो को उनके जाति प्रमाण पत्र से जुड़े विवाद में बड़ी राहत मिली है।
(सरगुजा): छत्तीसगढ़ के सीतापुर विधानसभा क्षेत्र के विधायक रामकुमार टोप्पो को उनके जाति प्रमाण पत्र से जुड़े विवाद में बड़ी राहत मिली है। वर्ष 2023 के विधानसभा चुनाव के दौरान दायर याचिका के बाद उच्च न्यायालय के निर्देश पर रायगढ़ जिला प्रशासन द्वारा गठित जांच समिति ने करीब ढाई वर्ष तक चली जांच पूरी कर अपनी रिपोटर् प्रस्तुत की है। समिति ने विधायक के जाति प्रमाण पत्र को सही मानते हुए उन्हें क्लीन चिट दे दी है।
जांच समिति की रिपोर्ट में कहा गया है कि शिकायतकर्ताओं की ओर से लगाए गए आरोपों के समर्थन में कोई ठोस दस्तावेजी अथवा प्रमाणिक साक्ष्य प्रस्तुत नहीं किए जा सके। उपलब्ध अभिलेखों और तथ्यों के परीक्षण के बाद समिति ने शिकायत को निराधार मानते हुए प्रकरण का निराकरण कर दिया। मामले की जांच उच्च न्यायालय के निर्देश पर समयबद्ध तरीके से की गई। न्यायालय के निर्देशों के अनुरूप रायगढ़ जिला प्रशासन की जांच समिति ने सभी संबंधित पक्षों से जानकारी एवं दस्तावेज प्राप्त कर उनका परीक्षण किया और इसके बाद अपनी अंतिम रिपोटर् प्रस्तुत की।
टोप्पो बोले-विश्वास था कि दूध का दूध, पानी का पानी होगा
जांच रिपोर्ट सार्वजनिक होने के बाद गुरुवार को विधायक टोप्पो ने कहा कि उन्होंने पूरी जांच प्रक्रिया में प्रशासन का पूरा सहयोग किया। उन्होंने कहा कि उन्हें शुरू से ही विश्वास था कि सच्चाई सामने आएगी और दूध का दूध, पानी का पानी होगा। उन्होंने आरोप लगाया कि कुछ राजनीतिक विरोधियों ने जानबूझकर उनके जाति प्रमाण पत्र को चुनौती दी थी लेकिन जांच में सभी तथ्य स्पष्ट हो गए। उधर, जांच पूरी होने और क्लीन चिट मिलने के बाद विधायक के समर्थकों में खुशी का माहौल है। समर्थकों का कहना है कि राजनीतिक कारणों से बिना पर्याप्त तथ्यों के शिकायत की गई थी, जिसकी निष्पक्ष जांच में अब सच्चाई सामने आ गई है। हालांकि अगर इस मामले में कोई पक्ष जांच रिपोर्ट को चुनौती देता है तो आगे की कारर्वाई न्यायिक प्रक्रिया के तहत होगी।